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सरकारी बैंकों के CEO के साथ शुक्रवार को होगी वित्त मंत्री की मुलाकात, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

News18Hindi
Updated: May 21, 2020, 10:30 AM IST
सरकारी बैंकों के CEO के साथ शुक्रवार को होगी वित्त मंत्री की मुलाकात, इन मुद्दों पर होगी चर्चा
वित्त मंत्री की शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों से होगी मुलाकात

यह बैठक इससे पहले 11 मई को होनी थी लेकिन प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा के चलते इसे आगे के लिये टालना पड़ा. सूत्रों ने बताया कि बैठक वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी.

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नई दिल्ली. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों, मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEO) के साथ समीक्षा बैठक करेंगी. इस दौरान कोरोना वायरस (Coronavirus) से बुरी तरह प्रभावित अर्थव्यवस्था (Economy)0 को पटरी पर लाने के लिये किये जा रहे प्रयासों और बैंकों से लोन उठाव पर चर्चा की जायेगी. सूत्रों ने यह जानकारी दी. यह बैठक इससे पहले 11 मई को होनी थी लेकिन प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा के चलते इसे आगे के लिये टालना पड़ा.

रिजर्व बैंक ने 27 मार्च को प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.75 प्रतिशत घटा दिया था. केन्द्रीय बैंक ने इसके साथ ही कर्जदारों को राहत पहुंचाने के लिये तीन माह तक उनके द्वारा कर्ज की किस्त और ब्याज चुकाने पर रोक लगा दी थी. यह राहत कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान लोगों को हुए आय नुकसान को देखते हुए दी गई. सरकार की ओर से 20 लाख करोड़ रुपये के राहत की घोषणा को देखते हुये यह बैठक अपने आप में काफी अहम है.

आर्थिक पैकेज के​ ऐलानों पर कैबिनेट की मुहर
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अगुआई में आज (बुधवार) केंद्रीय कैबिनेट (Union Cabinet) ने कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है. पीएम मोदी द्वारा 'आत्मनिर्भर योजना' के तहत आर्थिक पैकेज (Economic Package 2.0) को लेकर किए गए कई बड़े ऐलानों पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. इसमें प्रवासी मजदूरों, कोयला ब्लॉक्स की कॉमर्शिल माइनिंग से लेकर एमएसएमई के लिए किए गए ऐलान और क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम भी शामिल है.



इन मुद्दों पर होगी चर्चा


बैंकों द्वारा रिवर्स रेपो रूट के जरिए बैंकों द्वारा आरबीआई के पास पैसे रखने का मामला भी सामने आ सकता है. इसके अलावा, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) और माइक्रो फसाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (MFIs) के लिए टार्गेटेड लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (TLTRO) और कोविड-19 इमरजेंसी क्रेडिट लाइन की भी समीक्षा होगाी.


इमरजेंसी क्रेडिट लाइन के तहत लेनदार अपने मौजूदा वर्किंग कैपिटल लिमिट्स का 10 फीसदी तक कर्ज ले सकत है. इसपर 200 करोड़ रुपये का कैप है यानी कर्ज की यह रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी.

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First published: May 21, 2020, 10:25 AM IST
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