Digital Budget 2021: न बही-खाता न ब्रीफकेस... निर्मला सीतारमण ने इस बार टैब के जरिये पेश किया पेपरलेस बजट

बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Digital Budget : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक बजट ब्रीफकेस और पिछले साल जैसे बही-खाता की जगह साल 2021 का बजट टैब (Budget in Tab) के जरिये पेश किया. सीतारमण सोमवार को इसी टैब के साथ मीडिया से मुखातिब हुईं.

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    नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज देश का बजट पेश किया. इससे पहले वह मीडिया से मुखातिब हुईं. हर बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री जब मीडिया से मुखातिब होते हैं तो उनके हाथ में बजट का दस्तावेज होता है. कभी आपने देखा होगा कि वित्त मंत्री अपने साथ दस्तावेजों का ब्रीफकेस लाते थे. निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्रालय की कमान संभाली तो ब्रीफकेस की जगह बही-खाते ने ले ली. हालांकि अब इस साल बही-खाते की जगह डिजिटल टैब ने ले ली है.

    बजट पेश करने से पहले सोमवार को वित्त मंत्री जब मीडिया से मुखातिब हुईं तो उनके हाथ में फाइल या बहीखाता नहीं बल्कि टैब था. गौरतलब है कि कोरोना के चलते सरकार ने फैसला लिया था कि इस बार बजट की प्रिंटिंग नहीं होगी. वित्त मंत्री ने बजट के दस्तावेजों के संकलन के लिए हलवा सेरमनी के दौरान ही यूनियन बजट ऐप का ऐलान किया था, जिसके जरिए खास से आम तक बजट के बारे में जानकारी ले पाएंगे.



    क्या है ब्रीफकेस का इतिहास?
    भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि बजट की छपाई नहीं हुई बल्कि यह पूरी तरह से डिजिटल है. गौरतलब है कि भारत में बजट के दौरान ब्रीफकेस लाने की परंपरा को ब्रिटेन से लिया गया. इंग्लैंड में ग्लैडस्टोन बॉक्स का इस्तेमाल होता था. साल 1860 में ब्रिटिश बजट को पेश करने वाले चीफ विलियम ई. ग्लैडस्टोन ने पहली बार ऐसे ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया था. इसमें उन्होंने गोल्ड रंग के क्वीन मोनोग्राम का इस्तेमाल हुआ.

    भारत में भी बजट से पहले ब्रीफकेस के साथ फोटो खिंचाया जाता था.  देश के पहले फाइनेंस मिनिस्टर आर.के. षणमुखम शेट्टी ने बजट पेश करने के दौरान लेदर ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया. देश में साल 1970 से लेकर साल 2019 तक के वित्त मंत्रियों ने हार्डबाउन्ड ब्रीफकेस का इस्तेमाल शुरू किया. जो ब्रिटेन के ब्रीफकेस से अलग था.