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वित्त मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस: देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बताया नया प्लान

News18Hindi
Updated: December 13, 2019, 4:37 PM IST
वित्त मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस: देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बताया नया प्लान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम (CEA KV Subramaniam) ने कहा खपत और निवेश को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम के बारे में जानकारी दी.

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  • Last Updated: December 13, 2019, 4:37 PM IST
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नई दिल्ली. अर्थव्यवस्था की खराब हालात को देखते हुए वित्त मंत्री ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस दौरान सबसे पहले मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम ने खपत और निवेश को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदम के बारे में जानकारी दी. उन्होंने यह भी बताया कि ​बीते कुछ समय में सरकार के आर्थिक रिफॉर्म का क्या असर रहा है.

NBFC'sऔर HFC's में कैश फ्लो बढ़ाने पर जोर
के वी सुब्रमण्यम  ने कहा कि अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए सरकार विनिवेश पर फोकस कर रही है. गैर-बैंकिंग वित्तिय कंपनियों (NBFC) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) को सपोर्ट करने के लिए सरकार ने 4.47 लाख करोड़ रुपये की मदद की है.

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उन्होंने आगे बताया कि RBI गाइडलाइन्स जारी किए जाने के बाद पब्लिक सेक्टर बैंकों को रेपो​ लिंक्ड प्रोडक्ट्स (Repo Linked Products) जारी किए हैं. नवंबर माह तक 70 हजार करोड़ रुपये के 8 लाख लोन जारी किए गए हैं.

सरकारी ने भरा PSU का बकाया-दो दिनों में ही सरकार ने 7,657 करोड़ रुपये के 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी है. साथ ही सरकारी कंपनियों के 61,000 करोड़ रुपये के बकाये को सरकार ने क्लियर कर दिया है. उन्होंने बताया कि कॉरपोरेट टैक्स रेट में कटौती के बाद भारत वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी है. सरकार द्वारा किए गए रिफॉर्म्स की वजह से 2019 की पहली तिमाही में एफडीआई इनफ्लो बढ़कर 35 अरब डॉलर के पार जा चुका है.

FPI के लिए KYC नॉर्म्स में बदलाव- सुब्रमण्यम ने कहा कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के नियम सख्त कर दिए गए हैं. मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 5 नवंबर को FPI के लिए KYC नॉर्म्स में कई बदलाव किए हैं.  RBI ने GIFT-IIFSC में डॉलर-रुपए में डेरिवेटिव ट्रेडिंग की इजाजत दे दी है. वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) में भारत 63वें पायदान पर पहुंच गया है.ये भी पढ़ें: इस वजह से सोने की कीमतों में आई इस हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट, फटाफट चेक करें नए रेट्स

4 हिस्सों में बांटा गया लेबर लॉ- सुब्रमण्यम कहा कि लेबर लॉ को 4 हिस्सों में बांट दिया गया है. कोड ऑफ वेजेज 2019 को अगस्त 2019 में नोटिफाई कर दिया गया है. कोड ऑन ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडिशंस बिल, इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड और सोशल सिक्योरिटी कोड बिल को इस साल नोटिफाई किया गया है.  चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर ने कहा कि इकोनॉमिक को मजबूत करने वाले कई कदम उठाए गए हैं. 2017-18 में कैजुअल वर्कर और फॉर्मल वर्कर्स की तादाद 5-5 फीसदी बढ़ी है.

इनकम टैक्स रिफंड बढ़ा- चालू वित्त वर्ष में अभी तक इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) 1.57 लाख करोड़ रुपए का हुआ है. पिछले साल यह आंकड़ा 1.23 लाख करोड़ रुपए का था. इस फिस्कल ईयर में IGST 38,988 करोड़ रुपए का रहा है जो पिछले फिस्कल ईयर में 56,057 करोड़ रुपए था.

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First published: December 13, 2019, 4:14 PM IST
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