लाइव टीवी

वित्त मंत्री का मनमोहन सिंह और रघुराम राजन पर निशाना, कहा- नेताओं के फोन कॉल पर बांटे गए लोन

News18Hindi
Updated: October 16, 2019, 2:40 PM IST
वित्त मंत्री का मनमोहन सिंह और रघुराम राजन पर निशाना, कहा- नेताओं के फोन कॉल पर बांटे गए लोन
मनमोहन सिंह, रघुराम राजन के दौर में बैंकिंग सबसे बदतर दौर में पहुंची

वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अर्थव्यवस्था को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पर निशान साधा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2019, 2:40 PM IST
  • Share this:
न्यूयॉर्क. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अर्थव्यवस्था को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पर निशान साधा है. वित्त मंत्री ने कहा कि मनमोहन सिंह और रघुराम राजन के कार्यकाल सरकारी बैंकों (PSU Banks) के लिए सबसे बुरा दौरा था. उन्होंने कहा, रघुराम राजन ही उस वक्त आरबीआई के गवर्नर थे, जब महज नेताओं के एक फोन कॉल पर सरकारी बैंकों से लोन दिए गए और उसकी सजा ये बैंक आज तक भुगत रहे हैं.

न्यूयॉर्क में मंगलवार को कोलंबिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स में एक लेक्चर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि तमाम सरकारी बैंकों को पुनर्जीवित करना उनकी पहली ड्यूटी है. कोलंबिया यूनिवर्सिटी में इंडियन इकनॉमिक पॉलिसीज पर दीपक और नीरा राज सेंटर द्वारा आयोजित लेक्चर के दौरान सीतारमण ने कहा, मैं रघुराम राजन की एक बड़े स्कॉलर के रूप में सम्मान करती हूं, जो ऐसे वक्त में आरबीआई का गवर्नर बने, जब अर्थव्यवस्था हर तरह से खुशहाल थी.

नेताओं के फोन कॉल पर बांटे गए लोन
उन्होंने कहा, रघुराम राजन ही उस वक्त आरबीआई के गवर्नर थे, जब महज राजनेताओं के एक फोन कॉल पर सरकारी बैंकों से लोन दिए गए और उसकी सजा ये बैंक आज तक भुगत रहे हैं. सीतारमण ने कहा, डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और मुझे इस बात का विश्वास है कि राजन इस बात से सहमत होंगे कि डॉ. सिंह के पास भारत के लिए एक सुसंगत स्पष्ट दृष्टिकोण होता.

ये भी पढ़ें: पुरानी गाड़ियों के जरिए आप भी कर सकते हैं कमाई, ये है मोदी सरकार की नई योजना

राजन ने मोदी सरकार पर साधा था निशाना
आरबीआई के पूर्व गवर्नर राजन की मोदी सरकार पर टिप्पणी को लेकर सीतारमण ने कहा कि राजन के दौर में ही बैंक लोन से जुड़ी काफी दिक्कतें थी. राजन ने हाल ही में ब्राउन यूनिवर्सिटी में एक व्याख्यान में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि पहले कार्यकाल में नरेंद्र मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. इसकी वजह किसी भी फैसले के लिए नेतृत्व पर बहुत ज्यादा निर्भरता थी. साथ ही नेतृत्व के पास निरंतर , तार्किक दृष्टिकोण नहीं था कि कैसे आर्थिक वृद्धि हासिल की जाए.सीतारमण ने कहा, मैं यहां किसी का मजाक नहीं बना रही हूं, लेकिन उनकी तरफ से आये बयान पर मैं प्रतिक्रिया देना चाहती थी. मुझे यकीन है कि राजन जो भी कहते हैं उसे सोच समझकर कहते हैं. लेकिन मैं आज यहां ये स्पष्ट करना चाहती हूं कि भारत के सार्वजनिक बैंक उतने बुरे दौर से नहीं गुजर रहे हैं जितने मनमोहन सिंह और राजन के दौर में गुजर रहे थे. उस समय हममें से कोई इस बात को नहीं जानता था.

ये भी पढ़ें: ICICI बैंक ने ग्राहकों को किया अलर्ट, अगर नहीं मानी सलाह तो खाली हो जाएगा खाता

वित्त मंत्री ने कहा, मैं आभारी हूं कि राजन ने परिसंपत्ति की गुणवत्ता की समीक्षा की लेकिन मुझे खेद है कि क्या हम सब भी यह सोच सकते हैं कि आज हमारे बैंकों को क्या परेशानी है? यह कहां से विरासत में मिला है? इस कार्यक्रम में नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िय, जाने-माने अर्थशास्त्री जगदीश भगवती और न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत संदीप चक्रवर्ती ने भी शिरकत की.

एक सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा कि अगर किसी को ऐसा लगता है कि अब नेतृत्व का केंद्रीकरण हो गया है, तो मैं कहना चाहती हूं कि बहुत लोकतांत्रिक नेतृत्व ने ही बहुत सारे भ्रष्टाचार को जन्म दिया है.

ये भी पढ़ें: नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने दी चेताया, कहा- संकट में है भारत का बैंकिंग सिस्टम

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 16, 2019, 2:40 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर