वित्त मंत्रालय ने SEBI को परपेचुअल बॉन्ड पर जारी सर्कुलर वापस लेने को कहा, जानें क्या है मामला

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वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने सेबी को एक मेमोरेंडम भेजकर इस फैसले को वापस लेने को कहा है.

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नई दिल्ली. मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड्स के लिए नई स्कीम लागू की है. दरअसल, सेबी ने 10 मार्च, 2021 को एक सर्कुलर जारी कर परपेचुअल बॉन्ड (Perpetual Bond) या AT1 बॉन्ड्स की मैच्योरिटी 100 साल करने का फैसला किया था. इससे बैंकों और म्यूचुअल फंड्स के सामने बड़ा संकट पैदा हो गया था. यह नियम 1 अप्रैल, 2021 से लागू होना था. अब वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने सेबी को इस सर्कुलर को वापस लेने को कहा है.

AT1 बॉन्ड्स की मैच्योरिटी 100 साल करने के साथ ही SEBI ने म्यूचुअल फंड्स द्वारा स्पेशल फीचर्स वाले डेट (Debt) में निवेश की सीमा फिक्स कर दी है. हालांकि, इस नए नियम से वित्त मंत्रालय को आपत्ति नहीं है. सेबी के सर्कुलर के मुताबिक, म्यूचुअल फंड्स अब अपने ऐसेट्स अंडर मैनेजमेंट का 10 फीसदी ही स्पेशल फीचर्स वाले वैसे डेट में निवेश कर सकेंगे जो इक्विटी में कनवर्ट हो सकते हैं. सेबी ने कहा कि इसमें AT1 और AT2 बॉन्ड शामिल होंगे. सर्कुलर के मुताबिक, सिंगर इश्यूअर के डेट में म्यूचुअल फंड अपने ऐसेट का 5 फीसदी से ज्यादा निवेश नहीं कर सकेंगे.

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AT1 बॉन्ड्स की मैच्योरिटी 100 साल करने से म्यूचुअल फंड्स इंडस्ट्री सकते में आ गया था, क्योंकि इन बॉन्ड्स के रीवैल्यूएशन से निवेशकों को घाटा होता. इसी वजह से म्यूचुअल फंड्स बॉडी AMFI ने SEBI के इस फैसले का विरोध किया था. AMFI ने कहा कि बैंकों और कैपिटल मार्केट के लिए यह नियम घातक है, इससे बैंकों को केपिटल जुटाने में परेशानी होगी और पूंजी के लिए बैंकों को सरकार पर निर्भर होना होगा. इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए. AMFI ने कहा कि मैच्योरिटी को 100 साल करने से इंटरेस्ट रेट्स में मामूली बदलाव से इन बॉन्ड्स में निवेश करने वालों को बड़ा घाटा होगा और इस घाटे के डर से निवेशक इसमें निवेश नहीं करेंगे.
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क्या है परपेचुअल बॉन्ड

AT1 और AT2 बॉन्ड्स को परपेचुअल बॉन्ड भी कहा जाता है, क्योंकि इनकी कोई फिक्स मैच्योरिटी डेट नहीं होती है. हालांकि, बैंक रेगुलर इंटरवल पर इन्हें रीपे करते रहते हैं. अगर ऊंचे एनपीए के कारण बैंक के कैपिटल में गिरावट आती है है तो ये बॉन्ड उस घाटे को सोख लेते हैं.
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