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वित्त मंत्रालय ने 12 सीनियर IT अफसरों को जबरन किया रिटायर, रिश्वत लेने और यौन उत्पीड़न का आरोप

News18Hindi
Updated: June 11, 2019, 1:14 PM IST

वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुख्य आयुक्त, प्रधान आयुक्त समेत 12 सीनियर ऑफिर्स को रिटायर किया गया है. इन्हें नियम 56 के तहत रिटायर किया गया है.

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वित्त मंत्रालय ने आयकर विभाग के (Income Tax Department) के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को 'जबरन' रिटायर कर दिया है. वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुख्य आयुक्त, प्रधान आयुक्त समेत 12 सीनियर ऑफिर्स को रिटायर किया गया है. इन्हें नियम 56 के तहत रिटायर किया गया है. सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने जिन 12 ऑफिसर्स को रिटायर किया है, उन पर घूस लेने, अपनी सहकर्मी महिलाओं का उत्पीड़न करने, अघोषित संपत्ति को मैनेज करके पैसा लेने जैसे गंभीर आरोप हैं.

वित्त मंत्रालय ने जारी की नामों की सूची
जिन 12 ऑफिसर्स को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, उनमें अशोक अग्रवाल, एसके श्रीवास्तव, होमी राजवंश, बीबी राजेंद्र प्रसाद, अजॉय कुमार सिंह, बी अरुलप्पा, आलोक कुमार मित्रा, चांदर सेन भारती, अंडासु रवींद्र, विवेक बत्रा, स्वेताभ सुमन और राम कुमार भार्गव शामिल हैं.

अशोक अग्रवाल (आईआरएस, 1985), ज्वाइंट कमिश्नर (इनकम टैक्स) को भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतों और बिजनेसमैन से जबरन वसूली के आधार पर रिटायर किया गया है. वहीं एसके श्रीवास्तव (आईआरएस, 1989), कमिश्नर (अपील), नोएडा दो महिला आईआरएस के यौन उत्पीड़न के आरोपी हैं. कमिश्नर रैंक के अधिकारी होमी राजवंश (आईआरएस, 1985) जिन्होंने स्वयं और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर 3 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति अर्जित की थी और बीबी राजेंद्र प्रसाद ने फेवरेवल अपील पास करने के बदले में अवैध रूप से लाभ लिया था.



Finance Ministry Sources: 12 senior officers of ranks of Chief Commissioner, Principal Commissioners & Commissioner of Income Tax Department compulsorily retired under Rule 56 by the Finance Ministry. pic.twitter.com/rTXNIBgoUc



क्या है रूल 56
वित्त मंत्रालय रूल 56 का इस्तेमाल ऐसे अधिकारियों पर किया जा सकता है, जो 50 से 55 साल की उम्र के हों और 30 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. सरकार के जरिए ऐसे अधिकारियों को अनिर्वाय रिटायरमेंट दिया जा सकता है. ऐसा करने के पीछे सरकार का मकसद नॉन-फॉर्मिंग सरकारी सेवक को रिटायर करना होता है. सरकार के जरिए अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिए जाने का नियम काफी पहले से ही प्रभावी है.

साल 2014 में सत्ता में आने पर मोदी सरकार ने पहली बार वित्त मंत्रालय के रूल 56 के तहत काम में सुस्ती दिखाने वाले अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिया था. रूल 56 राजपत्रित अधिकारियों जैसे आईएएस, आईपीएस और ग्रुप-ए के अधिकारियों के साथ ही गैर-राजपत्रित अधिकारियों को भी अनिवार्य रिटायरमेंट दिया जा सकता है.

हाल के दिनों में 56 (j) के तहत एमएन विजयकुमार (IAS), के नरसिम्हा (IAS), मयंक शील चैहान (IPS) और राज कुमार देवांगन (IPS) को रिटायरमेंट दिया गया था.

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First published: June 11, 2019, 9:16 AM IST
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