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16 राज्यों और 3 संघ शासित राज्यों को मिली GST भरपाई की दूसरी किस्त, केंद्र ने जारी किए 6000 करोड़ रुपये

वित्त मंत्रालय ने जीएसटी भरपाई की दूसरी किस्त जारी कर दी है.

वित्त मंत्रालय ने जीएसटी भरपाई की दूसरी किस्त जारी कर दी है.

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने सोमवार को जानकारी दी है कि 16 राज्यों और 3 संघ शासित राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति (GST Compensation) के तौर पर 6,000 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं. अब तक इन राज्यों को कुल 12 हजार करोड़ रुपये जारी हो चुका है.

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नई दिल्ली. जीएसटी (GST) लागू करने की वजह से राज्यों के राजस्व नुकसान की भरपाई (GST Compensation) के लिए केंद्र सरकार ने 16 राज्यों और 3 संघ शासित राज्यों (Union Territories) को दूसरी किस्त के तौर पर 6 हजार करोड़ रुपये जारी कर दिया है. इससे पहले भी केंद्र सरकार पहली किस्त के रूप में इन राज्यों को 6 हजार करोड़ रुपये जारी कर चुकी है. यानी केंद्र ने इन राज्यों को अब तक कुल 12 हजार करोड़ रुपये जारी कर दिया है. जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी कि केंद्र खुद कर्ज लेकर राज्यों को भुगतान करे. केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए इस प्रस्ताव को 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों ने स्वीकार किया था.

इन राज्यों को जारी हुए 6 हजार करोड़ रुपये
वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार ने दूसरी किस्त के तौर पर 6 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर 16 राज्यों और 3 संघ शासित राज्यों को जारी किया है. आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, ओडिशा, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों को राशि हस्तातंरित की गई है. इन 16 राज्यों के अलावा तीन संघ शासित प्रदेशों दिल्ली,जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी को भी राशि जारी की गई है.


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इतने ब्याज का भुगतान करना होगा
वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह कर्ज 4.42 फीसदी के ब्याज पर लिया गया है. राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को भी इसी ब्याज दर पर राशि हस्तांतरित की जाएगी. इस व्यवस्था से केंद्र के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) पर प्रभाव नहीं पड़ेगा और यह राज्य सरकारों की पूंजी प्राप्ति के रूप में दिखेगा. जबकि पहली किस्त की राशि 6000 करोड़ रुपये 5.19 फीसदी के ब्याज पर कर्ज ली गयी थी.

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जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र राज्यों को दिए थे दो विकल्प
अगस्त में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में केंद्र सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए राज्यों को दिए थे दो विकल्प. पहले विकल्प में जीएसटी क्रियान्वयन की वजह से राजस्व संग्रह में नुकसान को पूरा करने के लिए 97 हजार करोड़ रुपये आरबीआई की स्पेशल विंडों से लें. या फिर कुल 2.35 लाख करोड़ रुपये बाजार से ऋण ले लें. जिसमें से 1.38 लाख करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान कोविड महामारी के कारण पैदा हुआ है.इस राशि को संशोधित कर बाद में 1.10 लाख करोड़ रुपये और 1.8 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था.  कुछ राज्यों की मांग पर केंद्र सरकार ने फैसला लिया था कि राज्यो की ओर से वह 1.10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेकर राज्यों को देगा.

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