अपना शहर चुनें

States

वित्त मंत्रालय ने ग्रामीण निकायों के लिए जारी किया 12,351 करोड़ का अनुदान, जानें किन राज्यों का नाम है शामिल

वित्त मंत्रालय ने जारी किया अनुदान
वित्त मंत्रालय ने जारी किया अनुदान

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 18 राज्यों के ग्रामीण निकायों को 12,351.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 में जारी किए गए मूलभूत अनुदानों की दूसरी किस्त है. यह अनुदान, उन 18 राज्यों को जारी किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 7:05 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 18 राज्यों के ग्रामीण निकायों को 12,351.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 में जारी किए गए मूलभूत अनुदानों की दूसरी किस्त है. यह अनुदान, उन 18 राज्यों को जारी किया गया है, जिन्होंने पंचायती राज मंत्रालय की सिफारिश पर पहली किस्त के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया है. ग्रामीण निकायों को 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर अनुदान जारी किया जाता है.

इसके तहत स्थानीय निकायों को सामुदायिक संपत्ति विकसित करने और उनकी वित्तीय क्षमता में सुधार जैसे कदम उठाने पड़ते हैं. यह अनुदान पंचायती राज प्रणाली के तीन स्तर (गांव, ब्लॉक और जिले) पर दिए जाते हैं, जिसके जरिए वह गांव और ब्लॉक स्तर पर संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं.

यह भी पढ़ें: बजट 2021 में वित्तीय समस्या समाधान के लिए एजेंसी बनाने का ऐलान कर सकती है सरकार



किन कामों में किया जाता है इस्तेमाल
पंद्रहवे वित्त आयोग ने दो प्रकार से ग्रामीण निकायों को अनुदानों देने की सिफारिश की है, जिसमें मूलभूत और अनुबंध के आधार पर दिए जाने वाले अनुदान शामिल हैं. मूलभूत अनुदान को स्थानीय निकायों द्वारा अपनी स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जाता है. हालांकि, इसके तहत निकाय वेतन और निर्माण संबंधी जरूरतों के लिए अनुदान का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. जबकि अनुबंधित अनुदान का इस्तेमाल मूलभूत सुविधाओं जैसे- सफाई और खुले में शौच मुक्त सुविधाओं के मरम्मत, वर्षा जल के संरक्षण और पानी को पीने योग्य बनाने आदि सें संबंधित कार्यों के लिए दिया जाता है.

ग्रामीण निकायों को दिया जाने वाला यह अनुदान केंद्र और राज्य द्वारा स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के तहत दी जाने वाली राशि से अलग होता है. वित्त आयोग की सिफारिशों पर दी जाने वाली इस राशि को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद ग्रामीण निकायों को 10 दिन के अंदर, राज्यों को अनुदान की राशि देनी पड़ती है और इसमें किसी भी तरह की देरी पर उन्हें ब्याज के साथ अनुदान को देना पड़ता है.

जून में जारी की जा चुकी है पहली किस्त
इससे पहले, ग्रामीण निकायों को मूल अनुदानों के तहत पहली किस्त और 14वें वित्त आयोग की बकाया 18,199 करोड़ रुपये, सभी राज्यों को जून, 2020 में जारी किया गया था. इसके बाद, अनुबंधित अनुदान के तहत 15,187.50 करोड़ रुपये की राशि की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है. इस प्रकार, सभी राज्यों के ग्रामीण निकायों को राज्यों के व्यय विभाग द्वारा कुल 45,738 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है. अब तक जारी अनुदानों की राज्यों के आधार पर सूची निम्नलिखित है-

यह भी पढ़ें: Budget 2021: इस बार के बजट में टेलिकॉम सेक्टर के लिए क्या हो सकता है खास, जानिए यहां

राज्यों के आधार पर ग्रामीण निकायों को 2020-21 में दी गई अनुदान राशि -
>> आंध्र प्रदेश - 3137.03
>> अरूणाचल प्रदेश - 418.80
>> असम - 802.00
>> बिहार - 3763.50
>> छत्तीसगढ़ - 1090.50
>> गोवा - 37.50
>> गुजरात - 2396.25
>> हरियाणा - 948.00
>> हिमाचल प्रदेश - 321.75
>> झारखंड - 1266.75
>> कर्नाटक - 2412.75
>> केरल - 1221.00
>> मध्य प्रदेश - 2988.00
>> महाराष्ट्र - 4370.25
>> मणिपुर - 88.50
>> मेघालय - 91.00
>> मिजोरम - 46.50
>> नागालैंड - 62.50
>> ओडिशा - 1693.50
>> पंजाब - 2233.91
>> उत्तर प्रदेश - 7314.00
>> राजस्थान - 1931.00
>> सिक्किम - 31.50
>> तमिलनाडु - 1803.50
>> तेलंगाना - 1385.25
>> त्रिपुरा - 143.25
>> उत्तराखंड - 430.50
>> पश्चिम बंगाल - 3309.00
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज