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LIC IPO को लेकर वित्त सचिव का बड़ा बयान, वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किया था ऐलान

News18Hindi
Updated: February 2, 2020, 1:58 PM IST
LIC IPO को लेकर वित्त सचिव का बड़ा बयान, वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किया था ऐलान
भारतीय ​जीवन बीमा निगम

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) द्वारा LIC के IPo लाने के प्रस्ताव के बाद वित्त सचिव राजीव कुमार (Rajiv Kumar) ने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उम्मीद की जा रही है कि लिस्टिंग के बाद एलआईसी सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी बन सकती है.

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  • Last Updated: February 2, 2020, 1:58 PM IST
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नई दिल्ली. आम बजट 2020 (Union Budget 2020) में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharman) ने अपने बजट बड़ा ऐलान किया था. वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजी जुटाने के लिए सरकारी बीमा कंपनी भारतीय ​जीवन बीमा निगम (LIC) की कुछ हिस्सेदारी स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) पर लिस्ट करेगी. माना जा रहा है कि भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर यह लिस्टिंग किसी भी भारतीय ​कंपनी की सबसे बड़ी लिस्टिंग साबित हो सकती है. इसके पीछे जानकारों ने कई तरह का राय दिया है. माना जाता है कि भारत में भरोसे का दूसरा नाम LIC ही है. अब वित्त मंत्री द्वारा इस ऐलान के बाद वित्त सचिव राजीव कुमार ने ठीक एक दिन बाद ही बड़ा बया दिया है.

विनिवेश लक्ष्य को पूरा करना चाहती है सरकार
वित्त सचिव ने ​रविवार ने अपने बयान में कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम का IPO (Initial Publci Offering) वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में आ सकती है. न्यूज एजेंसी PTI ने यह जानकारी दी है. दरअसल, केंद्र सरकार ने ​चालू वित्त वर्ष के लिए विनिवेश का लक्ष्य काफी बड़ा है. इसका ​एक बड़ सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर आना है. सरकार के इस लिस्ट में कॉनकोर, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और एअर इंडिया (Air India) की हिस्सेदारी बेचने का भी प्रस्ताव शामिल है. इसके अलावा रणनीतिक विनिवेश के जरिए भी केंद्र सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने का प्लान रही है.

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इन कंपनियों की सबसे अधिक मार्केट कैप
बता दें कि LIC भारत की सबसे बड़ी वित्तीय कंपनी है. ऐसे में उम्मीद की जा रही LIC की IPO आने के बाद बाजार पूंजीकारण के मामले में यह देश की सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है. वर्तमान में, सबसे अधिक मार्केट कैप​ (Market Capitalization) के ​लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रील लिमिटेड (RIL), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सबसे टॉप पर हैं. पिछले साल भी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है.

मार्केट में सबसे अधिक पैसे लगाती है LIC
हालांकि, निर्मला सीतारमण द्वारा किया गया यह ऐलान चिंता भी बढ़ा सकता है. दरअसल, मार्केट को सपोर्ट करने के लिए भारी गिरावट के दौर में भी LIC शेयर्स खरीदती है. जब भी किसी कंपनी का विनिवेश होता है और मार्केट में कोई खरीदार दिलचस्पी नहीं दिखाता है तो ऐसे वक्त में LIC ही बचाव के लिए काम आता है. हर साल ​सरकारी सिक्योरिटी और स्टॉक मार्केट में भी LIC ही सबसे बड़ी निवेशक होती है. औसतन, हर साल स्टॉक मार्केट में LIC करीब 55-65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करती है. भारतीय स्टॉक मार्केट में सबसे अधिक निवेश के लिहाज से भी एलआईसी ही टॉप पर है.

डिबेंचर्स और बॉन्ड्स में भी LIC ने भारी निवेश कर रखा है. यह आंकड़ा करीब 4,34,959 करोड़ रुपये का है. वित्त वर्ष 2017-18 की सालाना रिपोर्ट में एलआईसी ने जानकारी दी थी कि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंडिंग में मार्च 2018 तक उसने 3,76,097 करोड़ रुपये खर्च किया है.

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First published: February 2, 2020, 1:58 PM IST
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