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Financial Advice: उधारी से निजात पाने के आसान तरीके जानें, महंगा कर्ज सबसे पहले चुकाएं

Financial Advice: उधारी से निजात पाने के आसान तरीके जानें, महंगा कर्ज सबसे पहले चुकाएं

Financial Advice: आप सबसे छोटा कर्ज को चुकाकर फारिग हो जाते हैं तो आपकी मनोदशा पर बहुत पॉजिटिव असर पड़ता है.

Financial Advice: आप सबसे छोटा कर्ज को चुकाकर फारिग हो जाते हैं तो आपकी मनोदशा पर बहुत पॉजिटिव असर पड़ता है.

Financial Advice: महामारी ने कई लोगों को कर्ज (Loan) के भंवर में उलझा दिया है. इससे बाहर निकलने के लिए विशेषज्ञों ने डेट कंसोॅलिडेशन (Debt consolidation), महंगे कर्ज को सबसे पहले चुकाने, डेट स्नोबॉल (Debt snowball) जैसे कई उपाय न्यूज18 को बताएं.

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    नई दिल्ली. महामारी (Pandemic) ने कई लोगों को कर्ज (Loan or Debt) के भंवर में फंसा दिया है. एक कर्ज चुकाने के लिए दूसरा कर्ज तो कभी नई जरूरतों के लिए लोन. इस भंवर से बाहर निकलने के लिए अगर आप जांचे-परखे तरीके अपनाते हैं तो आराम से कर्ज का बोझ उतार सकते हैं.
    विशेषज्ञों ने डेट कंसोलिडेशन (Debt consolidation), महंगे कर्ज को सबसे पहले चुकाने, डेट स्नोबॉल (Debt snowball) जैसे कई उपाय न्यूज18 को बताएं. उनके मुताबिक, कर्ज से मुक्ति पाने की हड़बड़ी तो सभी को होती है मगर आपको कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए. आईए विशेषज्ञों से ऐसे ही टिप्स जानते हैं…
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    ब्याज दर कम व मासिक किस्त (ईएमआई, EMI) ज्यादा किफायती हो
    बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी के मुताबिक कई तरह के कर्ज लेना और समय से उन सबके भुगतान का ध्यान रखना आसान काम नहीं होता. इसलिए सारे कर्ज एक जगह इकट्ठा करना सबसे अच्छी रणनीति रहती है. कर्ज को एक साथ इकट्ठा करने (डेट कंसॉलिडेशन) से आपको बहुत सारे छोटे कर्ज एक साथ लाने में मदद मिलती है. शेट्टी कहते हैं कि हो सकता है कि इस कर्ज को चुकाने की शर्तें अधिक आसान हों और आपके लिए अधिक अनुकूल हों मसलन ब्याज दर कम हो या मासिक किस्त (ईएमआई) ज्यादा किफायती हों. इससे आपको अपनी कुल उधारी पर नजर रखने में मदद मिलती है और क्योंकि पहले के मुकाबले कम ईएमआई देखनी पड़ती हैं.
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    डेट कंसॉलिडेशन लोन शर्तों का भी रखें ध्यान
    शेट्टी बताते हैं कि डेट कंसॉलिडेशन लोन में कर्ज का एक समझौता करना पड़ता है. इसमें साफ लिखा होता है कि कर्ज की रकम का इस्तेमाल पहले से मौजूद उधारी चुकाने में ही किया जा सकता है और पुरानी उधारी एक निश्चित समय के भीतर चुकानी होगी. कंसॉलिडेशन अवधि के दौरान यानी एकमुश्त कर्ज अदायगी के दौरान आपको नया कर्ज लेने से रोका भी जा सकता है. अपनापैसा के सीईओ वी स्वामीनाथन बताते हैं कि आप उन्हीं कर्जों को कंसॉलिडेट यानी एक जगह इकट्ठा कर सकते हैं, जो किसी संपत्ति के एवज में नहीं लिए गए हैं. इसका मतलब है कि बिना जमानत के कर्ज जैसे क्रेडिट कार्ड का बकाया, पर्सनल लोन और शिक्षा ऋण को कंसॉलिडेट किया जा सकता है.
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    डेट कंसॉलिडेशन लोन से यह होगा फायदा
    तमाम उधारियों को एकमुश्त कर्ज में समेटने से आपका क्रेडिट स्कोर सुधर जाता है. रिवॉल्विंग यानी बकाया अगले महीने में चले जाने वाला कर्ज चुका देने से आपको अपने क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल की दर 30 फीसदी से नीचे लाने में मदद मिल सकती है. लगातार समय पर भुगतान करने से कुल कर्ज में कमी आने से आपकी क्रेडिट रेटिंग भी पहले से बेहतर होती जाएगी.

    सबसे महंगा कर्ज पहले चुकाएं का पुराना फार्मूला आजमाएं
    कई वित्तीय योजनाकार और कर्ज के मामले में परामर्श देने वाले सबसे महंगा कर्ज पहले चुकाने का पुराना फार्मूला अपनाने की सलाह देते हैं. सबसे पहले महंगा कर्ज चुकाना आपके लिए किफायती भी रहता है क्योंकि आपकी जेब से इस कर्ज का मोटा ब्याज निकलना बंद हो जाता है. इसमें सबसे पहले अपने सारे कर्ज की लिस्टिंग की कीजिए. फिर देखिए कि आप किस पर कितनी दर से ब्याज चुका रहे हैं. सबसे अधिक ब्याज दर वाला यानी सबसे महंगा कर्ज सबसे ऊपर रखिए और सबसे कम ब्याज दर वाला यानी सबसे सस्ता कर्ज सबसे नीचे. अब ऊपर से कर्ज चुकाते जाइए यानी सबसे महंगा कर्ज सबसे पहले निपटा दीजिए. लिहाजा, सबसे पहले क्रेडिट कार्ड के बकाये से शुरू कीजिए क्योंकि आपका सबसे महंगा कर्ज यही होता है. इसके बाद बिना जमानत के कर्ज निपटाइए. इनमें पर्सनल लोन जैसी उधारी आती है.

    न्यूनतम बकाया राशि हर हाल में चुकाएं
    कोई भी कर्ज हो, उसकी न्यूनतम बकाया राशि हर हाल में चुकाएं ताकि आप डिफॉल्टर की श्रेणी में न आ जाएं. आप न्यूनतम बकाया राशि हर महीने चुकाते रहते हैं और अचानक आपके पास कुछ रकम बच जाती है तो उस रकम का इस्तेमाल उस कर्ज के समय पूर्व आंशिक भुगतान में करें, जिस पर आपको सबसे ऊंची दर से ब्याज चुकाना पड़ रहा है. उस कर्ज को पूरी तरह चुकाने के बाद अपनी फेहरिस्त उठाएं और सबसे अधिक ब्याज दर वाले अगले कर्ज पर आ जाएं. उसे चुकाएं और फिर बची उधारियों में सबसे महंगी उधारी पर आएं.

    सबसे छोटी उधारी पहले चुकाने का नया ट्रेंड
    वित्तीय बाजार का डेट स्नोबॉल तकनीकी शब्द है. इसमें आप ऊपर बताए तरीके को पूरी तरह भूल जाते हैं और सबसे छोटी उधारी पहले चुकाते हैं. इस तरीके में आप छोटे से बड़े कर्ज की ओर चलते हैं चाहे उन पर ब्याज दर कितनी भी क्यों न हो. आपके जो भी कर्ज चल रहे हैं, उनका न्यूनतम भुगतान कर दीजिए. उसके बाद आपके पास जो भी रकम बच रही है, उससे अपना सबसे छोटा कर्ज सबसे पहले चुकाइए. उस कर्ज की अदायगी के बाद बची हुई उधारियों में से सबसे छोटी उधारी पर आइए और उसे भी निपटा दीजिए. यह तरीका हौसला बढ़ाने और बरकरार रखने वाला है. आप सबसे छोटा कर्ज को चुकाकर फारिग हो जाते हैं तो आपकी मनोदशा पर बहुत पॉजिटिव असर पड़ता है.

    Tags: Credit card, How to pay your EMI, Poor financial position

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