Green Crackers 2020: दिवाली से पहले बढ़ने लगे पटाखों के दाम, चेक कीजिए पूरी लिस्ट

आसमान पर पहुंच रहे Green Crackers के रेट्स
आसमान पर पहुंच रहे Green Crackers के रेट्स

Green Crackers Price List 2020: देशभर में फैले कोरोना वायरस की वजह से ग्रीन पटाखों के भाव बढ़ते ही जा रहे हैं. पटाखों के दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए है. इस बार दिल्ली के बाजारों में कम से कम 50 तरह के पटाखे उपलब्ध रहेंगे. कम मांग के बीच भी पटाखों की बिक्री को लेकर तैयारियां तेज हो रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 8:07 AM IST
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नई दिल्ली. दिवाली आने में अभी करीब एक महीने का समय है, लेकिन ग्रीन पटाखों के रेट्स में इजाफा होना शुरू हो गया है. देशभर में फैले कोरोना वायरस की वजह से ग्रीन पटाखों के भाव बढ़ते ही जा रहे हैं.अब ग्रीन पटाखों की नई किस्में बनने लगी हैं और बाजारों में आना शुरू भी हो गईं हैं. ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों के मुकाबले 30 फीसद तक प्रदूषण कम करते हैं. वहीं ये सामान्य पटाखों की तुलना में थोड़े महंगे होते हैं. लेकिन पिछले साल ग्रीन पटाखे बेचने वाले दुकानदार इस बार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं.दरअसल, ग्रीन पटाखे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक व राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद व तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन के मानक के अनुरूप हैं. ये पटाखे तमिलनाडु के प्रसिद्ध शिवकाशी से लेकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र व राजस्थान में बन रहे हैं.

20 फीसदी तक बढ़ गए हैं रेट्स-बता दें पिछले साल के मुकाबले इस साल ज़्यादा माल आने और बिकने की उम्मीद थी, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के चलते स्थिति काफी खराब हो गई है. इस समय बाजार में भी ग्रीन पटाखों के नाम पर वैराइटी और माल दोनों ही कम हैं, लेकिन रेट्स अभी से 20 फीसदी से ज़्यादा बढ़ चुके हैं.

माल और वैराइटी कम, लेकिन आसमान छू रहे दाम -इस समय बाजार में हर दुकान पर ग्रीन पटाखे देखने को नहीं मिल रहे हैं. मार्केट में कम वैराइटी की कमी के चलते भी रेट्स में इजाफा देखने को मिल रहा है.



इतनी हो गई है कीमत-इस समय 25 फुलझड़ी के पैकेट की कीमत 200 रुपये है. वहीं 5 अनार वाले डिब्बे की कीमत भी 200 रुपये है. जबकि 3 स्कॉय शॉट वाले डिब्बे की कीमत 300 और 10 बम के डिब्बे की कीमत 100 रुपये है.
ज्‍यादातर पटाखा फैक्ट्रियां हैं बंद, नया माल आने की अभी उम्‍मीद नहीं-ग्रीन पटाखों के कारोबारी अमित जैन का कहना हे कि अब 15-20 दिन में माल आने की उम्मीद भी नहीं बची है. फिलहाल आधी से ज्‍यादा फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और दिल्ली सरकार (Delhi Government) के मुताबिक, अब देसी पटाखे बिक नहीं सकते हैं. दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग ने भी इस साल पटाखों की बिक्री के लिए आवेदन मंगा लिए हैं. अभी तक कुल 260 व्यापारियों ने अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. हालांकि दिल्ली में कुल करीब 200 से 250 पटाखा व्यापारियों के पास परमानेंट लाइसेंस है.

इन पटाखों से कम फैलता है प्रदूषण
बता दें कि ग्रीन पटाखों की भारतीय शोध संस्था राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) ने की है. दुनियाभर में इन्हें प्रदूषण (Pollution) से निपटने के एक बेहतर तरीके की तरह देखा जा रहा है. नीरी ने ऐसे पटाखों की खोज की है, जो पारंपरिक पटाखों जैसे ही होते हैं, लेकिन इनके जलने से कम प्रदूषण होता है.

50 फीसदी कम होता है प्रदूषण
बता दें इन पटाखों से दीवाली पर आतिशबाजी चलाने का लुत्‍फ भी कम नहीं होता और प्रदूषण भी साफ रहता है. ग्रीन पटाखे दिखने, जलने और आवाज में सामान्य पटाखों की तरह ही होते हैं. हालांकि, ये जलने पर 50 फीसदी तक कम प्रदूषण करते हैं.
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