Toy Fair 2021: ये कंपनी है खिलाैना मेला की टाइटल स्पॉन्सर, जानिए इसके बारे में सबकुछ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 'द इंडिया टॉय फेयर 2021' का उद्घाटन करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 'द इंडिया टॉय फेयर 2021' का उद्घाटन करेंगे.

भारत के बढ़ते खिलौना उद्योग को मंच प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 27 फरवरी से 2 मार्च तक डिजिटल माध्यम से टॉय फेयर आयोजित किया जा रहा है. इस फेयर में देश के विभिन्न राज्यों के व्यवसायी को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 2:22 PM IST
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नई दिल्ली. देश का पहला ऑनलाइन खिलाैना मेला (The India Toy Fair 2021) आज से शुरू हाेने जा रहा है. रिलायंस रिटेल के स्वामित्व वाली सबसे पुरानी ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय खिलौना रिटेलर कंपनी हैमलेज (Hamleys) इस फेयर का टाइटल स्पॉन्सर है. यह कंपनी मेले में अपने वर्चुअल बूथ की स्थापना करेगी. बहुराष्ट्रीय रिटेलर मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में अपने टॉय सर्कल भी लॉन्च करेगा. हैमलेज की एक CSR गतिविधि खिलौना किट और आंगनबाड़ी वर्कर के बच्चों के लिए खेल सामग्री प्रदान करेगी.


मेला वेबसाइट के शुभारंभ के दौरान, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार को खराब गुणवत्ता वाले सस्ते खिलौनों को देश में आयात किए जाने की बहुत शिकायतें मिली थीं, जो भारतीय खिलौना उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे थे. इस मामले की एक समिति द्वारा जांच की गई जिसमें पाया गया कि 30 प्रतिशत आयातित प्लास्टिक के खिलौने में बड़ी मात्रा में रसायन और भारी धातुएं थीं, जो निर्धारित स्तरों से परे हैं. अन्य खिलौने भी गुणवत्ता में कमी पाए गए. इससे खिलौनों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किया गया. यह पहल सुनिश्चित करेगी कि भारतीयों को गुणवत्तापूर्ण खिलौनों की सुविधा मिले.


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शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा,  भारतीय खिलौने एक खुशहाल बचपन और खेल-आधारित, खोज-आधारित और गतिविधि-आधारित सीखने के निर्माण खंड रहे हैं, जो दिन-प्रतिदिन के अध्ययन और व्यावहारिक हाथों के बीच की खाई को पाटने में एक अभिन्न भूमिका निभाता है.''


केंद्रीय कपड़ा और महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत खिलौना निर्माण उद्योग काे  बड़ा बढ़ावा देने के उद्देश से यह पहल की जा रही है.''




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यह हाेगा मेले में खास

मेले के मुख्य आकर्षणों में 1,000 से अधिक स्टालों के साथ एक वर्चुअल प्रदर्शनी भी हाेगी, साथ ही पैनल चर्चा और विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा  ज्ञान सत्र भी हाेंगे. खिलौना-आधारित शिक्षण, शिल्प प्रदर्शन, क्विज कॉम्पिटिशन, वर्चुअल टूर, उत्पाद लॉन्च आदि शामिल हैं. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों में 8 टॉय मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (Toy Manufacturing Clusters) को मंजूरी दी है. कलस्टरों के जरिए देश के पारंपरिक खिलौना उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा. इन कलस्टरों के निर्माण पर 2,300 करोड़ रुपए की लागत आएगी. कलस्टरों में लकड़ी, लाह, ताड़ के पत्ते, बांस और कपड़ों के खिलौने बनेंगे.

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