Fitch ने बढ़ाया भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान, कहा-वित्‍त वर्ष 2021-22 में होगी 12.8 फीसदी की जबरदस्‍त वृद्धि

भारत की इकोनॉमी में आएगी तेजी.

भारत की इकोनॉमी में आएगी तेजी.

रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) ने अपने हालिया ग्‍लोबल इकोनॉमिक आउटलुक (GEO) में भारत के सकल घरेलू उत्‍पाद की वृद्धि दर (India's GDP Growth) में संशोधन किया है. एजेंसी के मुताबिक, अगले वित्‍त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ 12.8 फीसदी रह सकती है. एजेंसी ने पहले 11 फीसदी का अनुमान लगाया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 7:33 PM IST
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नई दिल्‍ली. ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) ने आर्थिक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) को लेकर अच्‍छे संकेत दिए हैं. फिच ने कहा है कि वित्‍त वर्ष 2021-22 (FY22) के दौरान भारत की जीडीपी ग्रोथ (India's GDP Growth) में 12.8 फीसदी की जबरदस्‍त वृद्धि आ सकती है. रेटिंग एजेंसी ने इससे पहले वित्‍त वर्ष 2022 में भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 11 फीसदी रहने का अनुमान जताया था. भारत में तेजी से बढ़ी आर्थिक गतिविधियों और कोरोना वैक्‍सीनेशन (Coronavirus Vaccination) अभियान को देखते हुए एजेंसी ने अपने अनुमान में संशोधन किया है.

फिच ने अपने हालिया ग्‍लोबल इकोनॉमिक आउटलुक में यह भी कहा है कि वित्‍त वर्ष 2023 के दौान भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 5.8 फीसदी रह सकती है. इसमें एजेंसी ने दिसंबर 2020 के अनुमान से 0.50 फीसदी का नकारात्‍मक संशोधन किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कैलेंडर ईयर 2020 के दौरान उम्‍मीद से ज्‍यादा तेजी से इकोनॉमिक र‍िकवरी हुई है. इस दौरान चौथी तिमाही में भारत की जीडीपी कोरोना संकट के पहले के स्‍तर को पार कर गई. सालाना आधार पर इसमें 0.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि, तीसरी तिमाही में इसमें 7.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी.

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'आरबीआई फिलहाल नहीं करेगा नीतिगत दरों में कटौती'
रेटिंग एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2021 की शुरुआत से ही अर्थव्‍यवस्‍था से जुड़े सभी संकेतकों ने मजबूती का प्रदर्शन किया है. फरवरी 2021 में मैन्‍युफैक्‍चरिंग पीएमआई भी बढ़ी. इसके अलावा सर्विसेस पीएफआई में बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि सर्विस सेक्‍टर ने भी रफ्तार पकड़ ली है. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि हाल में कुछ राज्‍यों में बढ़े कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों के कारण वित्‍त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी सुस्‍त पड़ सकती है. साथ ही कहा, 'इकोनॉमिक रिकवरी के कारण ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नीतिगत दरों में अब तक किसी तरह की कटौती नहीं की है और ना ही निकट भविष्‍य में इसकी उम्‍मीद है.'

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अमेरिका और चीन को लेकर अनुमान में भी किया संशोधन



भारत के साथ ही फिच ने दुनिया की कई बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं को लेकर अपने अनुमान में संशोधन किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्‍त वर्ष 2021 में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ (US GDP Growth) 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है. एजेंसी ने पहले 4.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान जताया था. वहीं, चीन (China) की इकोनॉमिक ग्रोथ 8.4 फीसदी और यूरोजोन (Eurozone) की 4.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. एजेंसी ने चीन के लिए पहले 8 फीसदी इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान जताया था. वहीं, यूरोजोन की आर्थिक वृद्धि को लेकर अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
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