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Fitch Ratings ने कहा- भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी से हुआ है सुधार, 8.7 फीसदी रहेगी GDP Growth

Fitch Ratings ने कहा- भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी से हुआ है सुधार, 8.7 फीसदी रहेगी GDP Growth

फिच रेटिंग्‍स ने कहा कि भारत का नेगेटिव आउटलुक सरकार के कर्ज को लेकर लंबे समय तक अनिश्चिता बने रहने की स्थिति दर्शाता है.

फिच रेटिंग्‍स ने कहा कि भारत का नेगेटिव आउटलुक सरकार के कर्ज को लेकर लंबे समय तक अनिश्चिता बने रहने की स्थिति दर्शाता है.

वैश्विक एजेंसी फिच रेटिंग्‍स (Fitch Ratings) ने नेगेटिव आउटलुक के साथ भारत की रेटिंग ट्रिपल-बी निगेटिव (BBB-) पर बरकरार रखी है. एजेंसी ने कहा कि भारत की रेटिंग (Rating of India) का यह स्तर देश के मध्यम अवधि में मजबूत वृद्धि की संभावनाओं, ठोस विदेशी मुद्रा भंडार से बाहरी झटकों को सहने की शक्ति, ज्‍यादा सार्वजनिक कर्ज और कमजोर फाइनेंशियल सेक्टर के बीच संतुलित है.

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    नई दिल्‍ली. ग्लोबल एजेंसी फिच रेटिंग्‍‍‍स (Fitch Ratings) ने नेगेटिव आउटलुक के साथ लंबी अवधि के लिए भारत की रेटिंग ट्रिपल-बी नेगेटिव (BBB-) बरकरार रखी है. फिच ने कहा कि मध्यम अवधि में भारत का ग्रोथ आउटलुक (Growth Outlook) मजबूत दिख रहा है. फिच ने कहा कि कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में तेजी से सुधार हुआ है. इससे फाइनेंशियल सिस्टम पर दवाब कम हुआ है.

    FY 2022-23 में जीडीपी ग्रोथ?
    रेटिंग एजेंसी ने कहा कि फाइनेंशियल सिस्‍टम पर दबाव कम होना मध्यम अवधि में ग्रोथ आउटलुक से जुड़े जोखिम को कम करता है. फिच ने वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) के 8.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. वहीं, रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जीडीपी ग्रोथ 10 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. रेटिंग एजेंसी ने कहा क‍ि भारत की रेटिंग का यह स्तर देश के मध्यम अवधि में मजबूत वृद्धि की संभावनाओं, विदेशी मुद्रा भंडार से बाहरी झटकों को सहने की शक्ति, ज्‍यादा सार्वजनिक कर्ज और कमजोर फाइनेंशियल सेक्टर के बीच संतुलित है.

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    अभी दी गई रेटिंग का क्‍या है मतलब?
    एजेंसी ने कहा कि भारत का नेगेटिव आउटलुक सरकार के कर्ज (Government Debt) को लेकर लंबे समय तक अनिश्चिता बने रहने की स्थिति दर्शाता है. फिच ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस मामलों के बढ़ने की आशंका अभी भी बनी हुई है. हालांकि, उम्मीद है कि देश की अर्थव्यवस्था पर इसका असर अब पहले के मुकाबले काफी कम होगा.

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    अक्‍टूबर में घटाया था वृद्धि अनुमान
    फिच रेटिंग्‍स ने अक्‍टूबर 2021 में भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान 10 फीसदी से घटाकर 8.7 फीसदी किया था. वहीं, अगले वित्त वर्ष (FY23) के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 10 फीसदी किया था. तब फिच ने कहा था कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण देश में आर्थिक रिकवरी की रफ्तार धीमी रह सकती है. फिच रेटिंग ने अपने ‘एपीएसी सॉवरेन क्रेडिट ओवरव्यू’ (APAC Sovereign Credit Overview) में कहा था कि भारत की BBB-/नेगेटिव सॉवरेन रेटिंग से स्टिल-स्ट्रॉन्ग मीडियम टर्म ग्रोथ के बैलेंस की उम्मीद है.

    Tags: Business news in hindi, India Ratings, Indian economy, Rating

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