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FM निर्मला सीतारमण ने कहा-केंद्र क्रिप्‍टोकरेंसी पर पाबंदी को लेकर अडिग, सिर्फ सरकारी ई-करेंसी को दी जा सकती है छूट

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा कि केंद्र सरकार क्रिप्‍टोकरेंसी को लेकर कमेटी की सिफारिशों और विधायी प्रस्‍ताव पर फैसला लेगी. वित्‍त राज्‍यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag S. Thakur) ने बताया कि एक क्रिप्‍टोकरेंसी विधेयक (Cryptocurrency Bill) को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसे जल्‍द कैबिनेट (Cabinet) को भेजा जाएगा.

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    नई दिल्‍ली. केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने राज्‍यसभा में एक सवाल पर दिए जवाब (Reply to Rajya Sabha) में बताया कि एक उच्‍चस्‍तरीय समिति ने सभी निजी क्रिप्‍टोकरेंसी (Private Cryptocurrencies) पर भारत में प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है. समिति का कहना है कि सिर्फ सरकार की ओर से जारी ई-करेंसी (State Issued e-currencies) को ही भारत में मंजूरी दी जाए. वित्‍त मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार क्रिप्‍टोकरेंसी ट्रेडिंग को लेकर सख्‍त दिशानिर्देश जारी करने की योजना बना रही है.

    RBI-SEBI के पास ई-करेंसी नियमन के कानून नाकाफी
    वित्‍त मंत्री सीतारमण ने राज्‍यसभा को बताया कि आर्थिक मामलों के सचिव की अध्‍यक्षता में क्रिप्‍टोकरेंसी से जुड़े मुद्दों का अध्‍ययन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC) का गठन कर दिया गया है. वहीं, वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद के उच्‍च सदन में एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकार जल्द ही क्रिप्‍टोकरेंसी पर विधेयक लेकर आएगी. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा कानून इससे संबंधित मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. आरबीआई और सेबी जैसी नियामक संस्थाओं के पास क्रिप्टोकरेंसी को सीधे तौर पर रेगुलेट करने के लिए कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है.

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    ‘क्रिप्‍टोकरेंसी बिल को दिया जा रहा है अंतिम रूप’
    वित्‍त राज्‍यमंत्री ठाकुर ने कहा कि क्रिप्‍टोकरेंसी पहचान किए जा सकने वाले यूजर्स की ओर से जारी करेंसी, एसेट्स, सिक्योरिटी या कमोडिटी नहीं हैं. इसलिए आरबीआई और सेबी के पास इनके नियमन के लिए पर्याप्‍त कानून नहीं है. सरकार ने एक समिति बनाई थी, जिसने वर्चुअल करेंसी से संबंधित मामलों पर अपनी रिपोर्ट दे दी है. एम्पावर्ड टेक्नोलॉजी ग्रुप की एक बैठक हुई. कैबिनेट सचिव की अगुवाई में सचिवों की कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट दी है. ठाकुर ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर एक बिल को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसे जल्द कैबिनेट को भेजा जाएगा. हम जल्द ही बिल लेकर आएंगे.

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    डिजिटल रुपया लाने की तैयारी में है आरबीआई
    बिटक्वॉइन समेत सभी वर्चुअल करेंसी से संबंधित जोखिमों को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अप्रैल 2018 में एक सर्कुलर के जरिये सुझाव दिया था कि वे वर्चुअल करेंसी में डील ना करें. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च 2020 के फैसले में आरबीआई के इस सर्कुलर को रद्द कर दिया था. फरवरी 2021 की शुरुआत में आरबीआई ने कहा था कि केंद्रीय बैंक भारतीय मुद्रा रुपया का डिजिटल वर्जन लाने की योजना पर काम कर रहा है.

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