निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस को बताया एक्ट ऑफ गॉड, अर्थव्यवस्था लुढ़कने का अनुमान

निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस को बताया एक्ट ऑफ गॉड, अर्थव्यवस्था लुढ़कने का अनुमान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Photo: PTI)

लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस के रूप में सामने आए असाधारण 'एक्ट ऑफ गॉड' का सामना कर रही है, जिसकी वजह से इस साल आर्थिक वृद्धि दर सिकुड़ सकती है.

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  • Last Updated: August 27, 2020, 10:37 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus Pandemic) ने बीते कुछ महीनों में देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है. राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से वस्तु एवं सेवा कर कलेक्शन (GST Collection) पर बड़ा असर पड़ा है. राजस्व सचिव के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में जीएसटी कलेक्शन में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान लगाया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने 41वें जीएसटी काउंसिल बैठक (41st GST Council Meeting) के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'इस साल हम असाधारण स्थिति का सामना कर रहे हैं. देश की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस के रूप में सामने आए असाधारण 'एक्ट ऑफ गॉड' का सामना कर रही है, जिसकी वजह से इस साल आर्थिक वृद्धि दर सिकुड़ सकती है.'

लॉकडाउन ने तोड़ी अर्थव्यवस्था की कमर
​सीतारमण ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2020 में हमने राज्यों को जीएसटी कंपेनसेशन (GST Compensation) के तौर पर 1.65 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया था. इसमें मार्च के लिए 13,806 करोड़ रुपये भी शामिल है. केंद्र सरकार ने 25 मार्च को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था ताकि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाया जा सके. बीते कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन को हटाया गया है और आर्थिक गति​विधियां फिर से शुरू की जा रही हैं.

पिछले सप्ताह ही भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कहा था कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी अर्थव्यवस्था में संकुचन रहेगी. मई और जून में शुरू हुईं आर्थिक गतिविधियों पर दोबारा लगाए गए लॉकडाउन का असर पड़ा है. ये गतिविधियां एक बार फिर सुस्त हो गई हैं.
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महंगाई और जीडीपी को लेकर RBI ने क्या कहा है?
अनुमा​नित महंगाई दर और GDP को लेकर आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने पिछले सप्ताह ही कहा था, 'मंगाई दर या जीडीपी आंकड़ों का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है. मौजूदा ​अनिश्चित परिस्थितियों के बीच आरबीआई आंकड़े जारी कर दो महीने बाद इसे रिवाइज नहीं कर सकता. जब हमें कुछ स्पष्ट होगा, तब हम इन दोनों आंकड़ों के बारे में जानकारी देंगे.'

दास ने कहा था कि कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान की भरपाई करने में मामले में सरकार विवेकपूर्ण और नियंत्रित कदम उठा रही है.

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31 अगस्त को जारी होंगे जीडीपी के आंकड़े
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय 31 अगस्त को पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े जारी करने वाली है. कई एजेंसियों द्वारा आर्थिक वृद्धि का अनुमान (-)3.2% से (-)9.5% के बीच में है. मैकेंसी ग्लोबल इंस्टीट्यूट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि चाूल वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 3 फीसदी से 9 फीसदी के करीब लुढ़क सकती है.
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