कोरोना वायरस : वित्त मंत्री ने कहा- कच्चे माल की सप्लाई और एक्सपोर्ट को लेकर कोई चिंता नहीं

कोरोना वायरस : वित्त मंत्री ने कहा- कच्चे माल की सप्लाई और एक्सपोर्ट को लेकर कोई चिंता नहीं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

कच्चे माल की सप्लाई और एक्सपोर्ट को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कहा कि कोई चिंता की बात नहीं है. इस मसले पर उन्होंने 23 इंडस्ट्रीज से बात की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2020, 7:45 PM IST
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नई दिल्ली. चीन समेत दुनियाभर के कई देशों में कोरोना वायरस (Corona Virus) के कहर से आशंका जताई जा रही थी कि कई इंडस्ट्रीज के लिए कच्चे माल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को इस पर कहा कि उन्होंने इंडस्ट्रीज से बात की है. कच्चे माल की सप्लाई को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है. हालांकि, अगर यह समस्या अगले दो महीनों तक रहती है तो कुछ परेशानी हो सकती है.

वित्त मंत्री ने की 23 इंडस्ट्रीज से बात
गुरुवार को वित्त मंत्री ने कहा, 'कोरोना वायरस पर मैंने 23 इंडस्ट्रीज से बात की है. उन्होंने कच्चे माल की सप्लाई और निर्यात को लेकर कोई चिंता नहीं जताई है.' वित्त मंत्री ने आगे कहा कि कुछ इंडस्ट्रीज को इस बात का अंदेशा है कि अगर अगले 2 महीने में यह स्थिति नहीं सुधरती है तो कच्चे माल की उपलब्धता को लेकर ​थोड़ी मुश्किलें आ सकती हैं. उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि हम इस मामले पर विचार विमर्श कर रहे हैं.





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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर असर पड़ने की आशंका
बता दें कि इसके पहले कई खबरों में दावा किया गया था कि कोरोना वायरस की वजह से कच्चे माल से लेकर निर्यात और आयात पर असर पड़ रहा है. खासकर, घरेलू फॉर्मा कंपनियों द्वारा इस्तेमाल होने वाला कच्चे माल का एक बड़ा हिस्सा चीन से आयात किया जाता है. लेकिन चीन में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ठप पड़ने की वजह से भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा देश का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी कच्चे माल के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर है.

खाने-पीने की चीजों पर होगा असर
चीन के डलियन पोर्ट से शिपमेंट नहीं आने की वजह से दुनियाभर में राजमा के दाम 8 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें 1100 डॉलर प्रति क्विंटल हो गई हैं. वहीं, चीन में अभी भी कारोबारी गतिविधियां रुकी हुई हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि भारत पहुंचने वाले 300 कंटेनर बंदरगाह पर फंसे हुए हैं. घरेलू मार्केट में खेप पहुंचते ही एक महीने के अंदर कीमतों में उछाल आएगा.

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First published: February 27, 2020, 7:29 PM IST
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