जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर वित्त मंत्री ने अन्य विकल्पों के संकेत दिए, कहा- हम पीछे नहीं हट रहे

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो विकल्पों के अलावा भी दूसरे रास्ते पर विचार करने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि हम राज्यों की भरपाई करने से पीछे नहीं हट रहे हैं. साथ ही केंद्र कुछ विकसित देशों की तर्ज पर टैक्स दरें बढ़ाने पर विचार नहीं कर रही है.

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  • Last Updated: September 18, 2020, 11:44 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को संकेत दिया है कि राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति (GST Compensation) मामले पर सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है. अगर कोई राज्यों जीएसटी काउंसिल (GST Council) द्वारा सुझाए गए दोनों विकल्पों पर सहमत नहीं होता है तो केंद्र सरकार इस पर विचार करेगी. वित्त मंत्री ने कहा, 'हम इस पर चर्चा करेंगे और फैसला लेंगे कि जीएसटी रेवेन्यू (GST Revenue) में कमी के लिए कैसे उधार लेकर पूरा किया जाए. हमनें राज्यों को दो विकल्प दिया है. अगर राज्य इन्हें स्वीकार नहीं करते हैं तो इसका हल निकाला जाएगा, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम राज्यों को क्षतिपूर्ति नहीं देना चाहते हैं.'

जीएसटी भरपाई से पीछे नहीं हट रहा केंद्र
हालांकि, सितारमण ने यह भी कहा कि इंडिया होल्डिंग की समेकित फंड (Consolidated Fund) से राज्यों की क्षतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा, 'हम राज्यों से बात कर रहे हैं. हम किसी राज्य को इससे अलग नहीं कर रहे हैं. हम सभी राज्यों और जीएसटी काउंसिल को एक साथ लेकर चल रहे हैं ताकि किसी नतीजे पर पहुंचें. केंद्र सरकार राज्यों की जीएसटी भरपाई से पीछे नहीं हट रही है.'

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2.36 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने की मांग


वित्त मंत्री ने बीते सोमवार को ही संसद से 2.36 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च के लिए मंजूरी मांगी थीं ताकि चालू वित्त वर्ष में कोरोना वायरस महामारी की वजह होने वाले खर्च को पूरा किया जा सके. चालू वित्त वर्ष में अनुदान के लिए सप्लीमेंटरी मांग में बजट में बोझ के रूप में 1.67 लाख करोड़ रुपये और विभिन्न विभागों के सेविंग्स जरिए करीब 69,000 करोड़ रुपये शामिल है.

टैक्स दरें बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहा सरकार
बड़े वित्तीय प्रोत्साहन (Fiscal Stimulus) को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार टैक्स दरों (Tax Rates) में कोई बढ़ोतरी करने पर विचार नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि कुछ विकसित देशों में टैक्स दरें बढ़ाई गई हैं ताकि बढ़ते खर्च का बोझ उठाया जाए. ऐसा करने से वहां की GDP के 15 फीसदी तक प्रोत्साहन बढ़ाने में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि महामारी अभी भी है. हमें नहीं पता है कि कब तक वैक्सीन उपलब्ध होगा. लद्दाख में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है. इसके बावजूद भी हमने राज्यों के लिए फंड में कटौती नहीं की है.'

राज्यों को फंड ट्रांसफर बढ़ा
उन्होंने कहा, 'इस साल राज्यों को कुल फंड ट्रांसफर करीब 19 फीसदी बढ़ा है. हमने टैक्स रेवेन्यू का 107 फीसदी राज्यों को मुहैया कराया है जबकि केंद्र का खर्च उधार के जरिए पूरा किया जा रहा है. यही सच है. हम राज्यों को ट्रांसफर्स फ्रंटलोड भी कर रहे हैं.'

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महामारी के बीच अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि हमारा फंडामेंटल अभी भी बहुत मजबूत है. हमारे पास रिकॉर्ड विदेशी रिजर्व (Foreign Reserves) है, एफडीआई इनफ्लो (FDI Inflow in India) लगातार बढ़ रहा है और लॉकडाउन के बीच संभावित निवेशकों ने रिकॉर्ड संख्या में डिमैट अकाउंट (Demat Account Opening) खोला है. बता दें लॉकडाउन के बाद चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी दर में 23.9 फीसदी की गिरावट आई है.
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