वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकों के शीर्ष अधिकारियों से करेंगी मुलाकात, कर्ज से जुड़े मसलों का ढूंढेंगी समाधान

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकों के शीर्ष अधिकारियों से करेंगी मुलाकात, कर्ज से जुड़े मसलों का ढूंढेंगी समाधान
वित्‍त मंत्रीय निर्मला सीतारमण लोन से जुड़े मुद्दों का समाधान तलााने के लिए 3 सितंबर को बैंकों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगी.

कोरोना संकट के बीच कर्ज पुनर्गठन (Loan Restructuring) को लेकर केवी कामत के नेतृत्‍व वाली समिति की ओर से की गई सिफ‍ारिशों के बाद वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने बैंक के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर कर्ज को लेकर बने दबाव (Stress on Loan) का हल ढूंढने का फैसला लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 30, 2020, 4:26 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) कमर्शियल बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के शीर्ष अधिकारियों से 3 सितंबर को मुलाकात करेंगी. इस दौरान बैंक लोन में कोविड -19 से जुड़े तनाव के लिए रिजॉल्‍यूशन फ्रेमवर्क के क्रियान्‍वयन की समीक्षा की जाएगी. आसान शब्‍दों में समझें तो बैंकों पर कोविड-19 के कारण कर्ज बांटने, वसूलने और पुनर्गठन को लेकर बने दबाव पर चर्चा की जाएगी. वित्‍त मंत्रालय (Finance Ministry) ने कहा कि समीक्षा में कारोबार और परिवारों को व्यवहार्यता (Viability) के आधार पर पुनरुद्धार ढांचे (Revival Framework) का लाभ उठाने के लिए सक्षम बनाने, बैंक नीतियों को अंतिम रूप देने और कर्ज लेने वालों की पहचान करने के साथ ही सुचारू और शीघ्र क्रियान्‍वयन पर चर्चा की जाएगी.

कर्ज पुनर्गठन से अर्थव्‍यवस्‍था को मौजूदा संकट से उबारने में मिलेगी मदद
कोरोना संकट के बीच कर्ज पुनर्गठन (Loan Restructuring) को लेकर केवी कामत के नेतृत्‍व वाली समिति की ओर से की गई सिफ‍ारिशों के बाद वित्‍त मंत्री सीतारमण ने बैंकरों के साथ बैठक करने का फैसला लिया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Governor Shaktikant Das) ने अगस्‍त 2020 की शुरुआत में कहा था कि कोरोना संकट के कारण फंसे कर्ज (Stressed Accounts) के सभी मामलों पर 6 सितंबर तक फैसला ले लिया जाएगा. बता दें कि वैश्विक महामारी के कारण डांवाडोल हुई अर्थव्‍यवस्‍था को उबारने (Economic Recovery) और कारोबार को पटरी पर लाने में कुछ कर्जों के पुनर्गठन से मदद मिल कसती है.

ये भी पढ़ें- कोरोना संकट के बावजूद किसानों ने अपनी ताकत को साबित किया- पीएम मोदी
एक बार पुनर्गठन के लायक उधारकर्ताओं की पहचान कर रहे हैं बैंक


बैंकों ने भी ऐसे उधारकर्ताओं (Debtors) की पहचान करना शुरू कर दिया है, जिनके कर्ज का एक बार पुनर्गठन किया जा सकता है. सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने पिछले सप्‍ताह बताया था कि उसके 5 से 6 फीसदी कर्ज का एक बार पुनर्गठन किया जा सकता है. साथ ही कहा था कि कर्ज पुनर्गठन को लेकर कामत कमेटी के दिशानिर्देश जारी होने के बाद इस बारे में तस्‍वीर एकदम साफ हो जाएगी. बता दें कि कामत कमेटी का पूरा जोर कॉरपोरेट लोन (Corporate Loans) पर रहेगा. ऐसे में बैंकरों को अनसिक्‍योर्ड रिटेल लोन पोर्टफोलियो की चिंता सता रही है, क्‍योंकि ईएमआई में अस्‍थायी छूट (Moratorium) 31 अगस्‍त यानी कल खत्‍म हो रही है.

ये भी पढ़ें- नौकरी जाने के बाद हो रही पैसों की किल्लत? Dormant Bank Account को अनलॉक करें

मोरेटोरियम खत्‍म होने के बाद कर्ज आवेदनों से निपटने को तैयार SBI
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन रजनीश कुमार (Chairman Rajnish Kumar) ने भी कहा है कि देश का सबसे बड़ा कर्जदाता बैंक 31 अगस्त को मोरेटोरियम सुविधा खत्‍म होने के बाद बड़ी संख्‍या में पर्सनल लोन के आवेदनों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. कुमार ने कहा, 'बड़ी कंपनियों की ओर से कर्ज पुनर्गठन को लेकर बहुत ज्‍यादा अनुरोध आने की उम्‍मीद नहीं है.' उन्‍होंने कहा कि ज्‍यादा बड़े कर्ज के मामलों पर पहले ही कई दौर में काम हो चुका है. बता दें कि कोरोना संकट के बीच सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए पहले ईएमआई चुकाने पर कुछ महीनों के लिए अस्‍थायी रोक लगा दी. इसके बाद अर्थव्‍यवस्‍था को उबारने के लिए बैंकों को कर्ज पुनर्गठन की छूट दे दी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज