सोने में निवेश के लिए इस टिप्स को अपनाएं, हो जाएंगे मालामाल

सोने ने बीते तीन सालों करीब 14.8% सालाना चक्रवृद्धि दर से फायदा दिया है.

सोने ने बीते तीन सालों करीब 14.8% सालाना चक्रवृद्धि दर से फायदा दिया है.

इन्वेस्टमेंट टिप्स : पोर्टफोलियो का 10 प्रतिशत हिस्सा सोने में करें निवेश

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नई दिल्ली. बीते तीन साल में गोल्ड ने निवेशकों को मालामाल किया है. इस दौरान सोने ने करीब 14.8% सालाना चक्रवृद्धि दर से फायदा दिया है. लेकिन यदि पिछले छह महीने की बात करें तो यह करीब 5.8 प्रतिशत तक टूट चुका है. इसलिए विशेषज्ञ सोने में संभलकर निवेश की बात करते हैं.

सीए हरिगोपाल पाटीदार बताते हैं कि निवेश करने से पहले उस टोकरी को जरूर ध्यान में रखना चाहिए, जिसमें विभिन्न तरह के फल है. इसलिए निवेश करने से पहले पोर्टफोलियो तैयार करें जिसमें सोने के साथ ही, एफडी, शेयर, म्यूच्युल फंड, डेट, बॉन्ड आदि शामिल हों. विश्लेषकों के मुताबिक निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में 10 प्रतिशत आवंटन सोने में करना चाहिए. अभी के संदर्भ में देखें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 20 प्रतिशत तक गिर चुका है. जो लोग इसमें निवेश करना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा मौका है. आप सोने में जितना निवेश करना चाहते हैं, उसका 50 फीसदी अभी और 50 फीसदी अगले छह महीने में भाव गिरने पर भी कर सकते हैं.

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धार्मिक या सांस्कृतिक प्रयोजन से सोने के गहने खरीदना निवेश नहीं
धार्मिक या सांस्कृतिक प्रयोजन से सोने के गहने खरीदना तो ठीक है लेकिन जब बात निवेश की हो तो  खरीदने से पहले आपको पता होना चाहिए कि उसकी कीमतों पर कैसा असर पड़ सकता है. लिहाजा सबसे पहले यह जानें कि रुपये में सोने ने पिछले साल 27.9 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया था मगर इस साल यह 4.9 प्रतिशत तक फिसल चुका है. जुलाई 2020 में 2,075 डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद सोना कमजोर हुआ है और इस साल 1,675 डॉलर तक लुढ़क गया था. वहां से दाम बढ़े हैं मगर अब भी इसमें कमजोरी है. जबकि 10 साल अवधि के अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर रिटर्न अगस्त 2020 के 0.52 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2021 में 14 महीनों के उच्चतम स्तर 1.75 प्रतिशत पर आ गया. इसका मतलब यह है कि तेज आर्थिक सुधार के कारण अमेरिकी बॉन्ड बाजार उछला है. बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़े तो सोना फिसलने लगता है.'

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बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में गजब की उछाल ने भी सोने की चमक फीकी की

कोविड-19 से बचाव का वैक्सीन तैयार होने और पिछले साल नवंबर से विकसित देशों में टीकाकरण शुरू होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था सुधरने की उम्मीद बढ़ी है. ऐसे में निवेशक जोखिम ले रहे हैं और सोने की चमक फीकी पड़ गई है. क्रिप्टोकरेंसी ने भी असर डाला है. सिंह कहते हैं, 'बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में गजब की उछाल ने भी सोने की चमक छीन ली है.'

दीर्घ अवधि में निवेशकों के लिए सोना फायदेमंद साबित हो सकता है

कोविड-19 वायरस की नई किस्म ने भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं में सुधार की रफ्तार मंद कर दी है. हालात नहीं सुधरे तो निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से निकल सकते हैं. ऐसा हुआ तो सोने को पिछले साल जैसा फायदा मिल सकता है. वहीं, तमाम देशों के केंद्रीय बैंक कह चुके हैं कि ब्याज दरेें काफी समय तक नीची ही रहेंगी. कृषि जिंस, धातु, कच्चे तेल समेत विभिन्न जिंस भी उछल पड़ी हैं. आसमान छूती महंगाई वास्तविक दरों को शून्य से नीचे भी भेज सकती है. पाटीदार कहते हैं कि कई देशों में वास्तविक ब्याज दरें शून्य से नीचे हैं. उस स्थिति में रकम बॉन्ड से निकालकर सोने में झोंक दी जाती है क्योंकि दीर्घ अवधि में निवेशकों के लिए सोना फायदेमंद साबित होता है. डॉलर भी कमजोर रह सकता है क्योंकि महामारी से राहत के उपायों ने देश पर कर्ज बढ़ा दिया है. डॉलर लुढ़का तो सोना चढ़ जाएगा.

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डॉलर चढ़ जाएगा, जिससे सोने का नीचे जाना लाजिमी

डॉलर ही सोने पर चोट कर सकता है. बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर में मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेस में प्रमुख (जिंस एवं मुद्रा) किशोर नार्णे कहते हैं, 'महंगाई दर बढ़े बगैर अमेरिकी अर्थव्यवस्था सुधरी तो डॉलर चढ़ जाएगा, जिससे सोने का नीचे जाना लाजिमी है.

सोने में निवेश शेयरों में गिरावट के दौरान सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है

निकट भविष्य में भाव में उतार-चढ़ाव की परवाह किए बिना सोने में निश्चित निवेश बनाए रखें. सोने में निवेश शेयरों में गिरावट के दौरान सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है. कैरोस कैपिटल के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक ऋषद मनेकिया कहते हैं, 'देखा गया है कि दीर्घ अवधि में डॉलर की तुलना में रुपया फिसलता जाता है. सोने में निवेश आपको रुपये में इस गिरावट से सुरक्षा देगा.'

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