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बदलते मौसम के चलते एक साल में 34% तक महंगा हुआ खाने का सामान, जानें कौन सी फसलें और देश सबसे ज्यादा प्रभावित?

Food Inflation पर पढ़ें ये रिपोर्ट

Food Inflation पर पढ़ें ये रिपोर्ट

Food Inflation: प्रकृति का बदलता यह चेहरा इतना खौफनाक हो सकता है कि खाने के लाले पड़ सकते हैं... बदलता मौसम दुनिया भर में फसलों को खराब कर रहा है

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    नई दिल्ली. जलवायु परिवर्तन के चलते दुनियाभर में खाने की वस्तुएं महंगी होती जा रही हैं. इसका असर आने वाले समय में और बुरा हो सकता है. प्रकृति का बदलता यह चेहरा इतना खौफनाक हो सकता है कि खाने के लाले पड़ सकते हैं... जी हां... बदलता मौसम दुनिया भर में फसलों को खराब कर रहा है. इसके साथ भविष्य में खाद्य मुद्रास्फीति (food Inflation) का खतरा बढ़ता ही जा रहा है. यह जानकारी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में भूख बढ़ रही है, फूड महंगा हो रहा है.

    दो दशकों में ब्राजील की सबसे भीषण ठंड ने दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक युवा कॉफी के पेड़ों को प्रभावित किया है. चीन के प्रमुख पोर्क क्षेत्र में बाढ़ से खेतों में पानी भर गया और जानवरों की बीमारी का खतरा बढ़ गया. वहीं, अमेरिका-कनाडा सीमा के दोनों किनारों पर चिलचिलाती गर्मी और सूखे ने फसलों को कुचल दिया. इतना ही नहीं यूरोप में, मूसलाधार बारिश ने भीगे हुए खेतों में अनाज और रुके हुए ट्रैक्टरों के लिए फंगल रोगों का खतरा पैदा कर दिया. इन सबका असर दुनियाभर पर होगा.

    कॉफी के दाम में 17 फीसदी बढ़ोतरी
    कॉफी इस हफ्ते 17 फीसदी महंगी हुई है. ब्राजील में हालिया ठंड इस साल किसानों को परेशान करने वाले संकटों का ताजा उदाहरण है. ब्राजील भी एक गंभीर सूखे का सामना कर रहा है जिससे सिंचाई के लिए आवश्यक जलाशय समाप्त हो गए हैं. जानकारों के मुताबिक, ब्राजील में जो होता है वह सभी को प्रभावित करता है. इसका असर दुनियाभर में होता है.

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    वैज्ञानिक सालों से दे रहे हैं चेतावनी
    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन और इससे जुड़ी मौसम की अस्थिरता दुनिया के लिए पर्याप्त भोजन का उत्पादन करना कठिन बना देगी. इसमें सबसे गरीब देशों को सबसे ज्यादा झटका लग रहा है. कुछ मामलों में, सामाजिक और राजनीतिक असर भी पड़ रहे हैं.

    2021 फूड सिस्टम्स समिट के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत और रवांडा के पूर्व कृषि मंत्री एग्नेस कालीबाटा के मुताबिक, दुनिया के एक हिस्से में जो चीजें हो रही हैं, वे हम सभी को प्रभावित करती हैं. मौसम गंभीर प्रभाव डालना शुरू कर देगा. कालीबाटा के मुताबिक, "कुछ समुदाय पहले से ही जलवायु परिवर्तन के बुरे सपने से गुजर रहे हैं. अब आने वाले समय में और बुरा असर पड़ सकता है."

    मई से लगातार बढ़ रहा है फूड इंडेक्स
    संयुक्त राष्ट्र का खाद्य और कृषि संगठन का खाद्य मूल्य सूचकांक (The Food Price Index ) मई से लगातार बढ़ रहा है. पिछले 12 महीनों तक Food Price Index बढ़ा है और जून में कम होकर 124.6 अंक हो गया, जो एक साल पहले की तुलना में अभी भी 34% अधिक है. कृषि के अलावा किसी अन्य उद्योग पर धूप, बारिश और गर्मी का ज्यादा असर नहीं है. यहां मौसम में बदलाव रातों-रात किसान की किस्मत को बदल सकता है. यह एक ऐसा उद्योग भी है जो अत्यधिक वैश्वीकृत और केंद्रित हो गया है, एक अनिश्चित स्थिति पैदा कर रहा है.

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    कनाडा में गर्मी का अनाज पर बुरा असर
    रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के चलते कनाडा में शुष्क परिस्थितियों ने सैकड़ों जंगल की आग को जन्म दिया. पश्चिमी ब्रिटिश कोलंबिया में आग इतनी भयानक है कि निर्यात के लिए अनाज ले जाने वाली हजारों रेल कारें हफ्तों से बेकार पड़ी हैं. कनाडा के ब्रेड बास्केट प्रेयरी प्रांतों और उत्तरी अमेरिका में भी सूखा पड़ रहा है, जिससे किसानों को अपने कम उपज वाले गेहूं और जौ के तने को पशुओं के चारे के रूप में बेचना पड़ रहा है.
    इसी तरफ ब्राजील में प्रमुख अरेबिका-कॉफी क्षेत्रों को तबाह करने वाली भयंकर ठंड पड़ रही है. यह खासकर नई फसलों को बर्बाद कर रही है, जो किसानों के लिए अधिक नुकसान पैदा कर सकती है और वर्षों तक उत्पादन को नुकसान पहुंचा सकती है.

    चीन की बाढ़ से कृषि प्रभावित
    वहीं मध्य चीन की बाढ़ के चलते कई फसल बर्बाद हो गईं. हाल ही में हुई भारी बारिश से कुछ हॉग फार्म और मकई की फसलें प्रभावित हुई हैं. इतना ही नहीं एक बड़ी चिंता अफ्रीकी स्वाइन बुखार सहित जानवरों की बीमारियों का संभावित प्रसार का भी है.

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