167 साल के इतिहास में पहली बार, रेलवे ने कमाई से ज्यादा रिफंड किए!

167 साल के इतिहास में पहली बार, रेलवे ने कमाई से ज्यादा रिफंड किए!
रेलवे ने पहली तिमाही में यात्री टिकट बुकिंग से हुई आय से अधिक रिफंड किए

रेलवे ने 167 साल के इतिहास में पहली बार टिकट बुकिंग से हुई इनकम से ज्यादा यात्रियों को रिफंड कर दिया. जून तिमाही में रेलवे को पैसेंजर कैटेगरी से इनकम में 1,066 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. हालांकि मालभाड़े से होने वाली कमाई अपने स्तर पर बनी रही.

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नई दिल्ली. भारतीय रेल (Indian Railway) के 167 साल के इतिहास में यह शायद पहली बार हुआ होगा जब उसने टिकट बुकिंग से हुई आय से अधिक यात्रियों को वापस किया है. कोविड-19 संकट (COVID-19) से प्रभावित चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में रेलवे की यात्री श्रेणी से आय में 1,066 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. यह जानकारी मध्यप्रदेश के चंद्रशेखर गौर द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गयी जानकारी में सामने आयी है. इसके मुताबिक अप्रैल-जून अवधि में रेलवे की यात्री श्रेणी से होने वाली आय जहां नकारात्मक रही. वहीं मालभाड़े से होने वाली आय अपने स्तर पर बनी रही.

कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के चलते लगे यात्रा प्रतिबंधों की वजह से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में रेलवे की सामान्य यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन बंद रहा. इस दौरान रेलवे के यात्रियों को टिकट किराया वापस करने से अप्रैल में 531.12 करोड़ रुपये, मई में 145.24 करोड़ रुपये और जून में 390.6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

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चालू वित्त वर्ष में 40,000 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान
रेलवे के प्रवक्ता डी.जे. नारायण ने कहा कि दरअसल यह नुकसान की राशि रेलवे के अपनी आय से ज्यादा लोगों को रिफंड करने के आंकड़े दिखाती है. पिछले साल रेलवे ने अप्रैल में 4,345 करोड़ रुपये, मई में 4,463 करोड़ रुपये और जून में 4,589 करोड़ रुपये की कमाई की थी. रेलवे ने कहा कि महामारी के चलते चालू वित्त वर्ष में रेलवे को करीब 40,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.



हालांकि इस दौरान उसकी मालभाड़े से आय बनी रही. रेलवे ने मालभाड़े से अप्रैल में 5,744 करोड़ रुपये, मई में 7,289 करोड़ रुपये और जून में 8,706 करोड़ रुपये की आय की. वित्त वर्ष 2019-20 में रेलवे ने इस मद से अप्रैल में 9,331 करोड़ रुपये, मई में 10,032 करोड़ रुपये और जून में 9,702 करोड़ रुपये की आय की थी.

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से 2000 करोड़ का नुकसान
रेलवे ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को उनके गृहराज्य पहुंचाने के लिए रेलवे ने ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनों का परिचालन किया. इससे भी रेलवे को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
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