इंश्‍योरेंस सेक्‍टर में बढ़ेगा विदेशी निवेश, संसद से पारित हुआ 74 फीसदी एफडीआई का विधेयक

बीमा क्षेत्र में अभी 49 फीसदी प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है. अब इसकी सीमा बढ़ने वाली है.

बीमा क्षेत्र में अभी 49 फीसदी प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है. अब इसकी सीमा बढ़ने वाली है.

राज्‍यसभा के बाद अब लोकसभा (Lok Sabha) में भी इंश्योरेंस सेक्टर में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI in Insurance Sector) बढ़ाने का प्रस्ताव पारित हो गया है. राज्यसभा (Rajya Sabha) में इससे जुड़ा संशोधन विधेयक 18 मार्च को पास हुआ था. अभी इंश्योरेंस सेक्टर में विदेश निवेश की सीमा 49 फीसदी ही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 4:57 PM IST
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नई दिल्‍ली. राज्‍यसभा के बाद आज लोकसभा (Lok Sabha) में भी इंश्योरेंस सेक्टर में 74 फीसदी प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI in Insurance Sector) वाला बीमा संशोधन विधेयक 2021 (Insurance Amendment Bill 2021) पारित हो गया है. राज्यसभा (Rajya Sabha) में यह विधेयक 18 मार्च को पारित हुआ था. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी 2021 को बजट पेश करते हुए इश्‍योरेंस सेक्‍टर में विदेशी निवेश बढ़ाने का ऐलान किया था. तब उन्होंने कहा था कि इंश्योरेंस सेक्टर में विदेश निवेश की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी जाएगी.

FDI के बाद भी अहम पदों पर होगी भारतीयों की नियुक्ति

एफडीआई की सीमा बढ़ाने के बाद इंश्योरेंस कंपनियों पर नियंत्रण के सवाल पर वित्‍त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बीमा कंपनियों (Insurance Companies) के ज्यादातर डायरेक्टर्स और प्रबंधन के अहम पदों पर भारतीयों की ही नियुक्ति होगी. कंपनियों के मुनाफे का कुछ तय हिस्‍सा जनरल रिजर्व (General Reserve) के तौर पर रखा जाएगा. कंपनी जहां की होगी, कानून भी वहीं का चलेगा. इसे कोई खत्म नहीं कर सकता है. उन्‍होंने कहा कि इस प्रस्ताव के तहत इंश्योरेंस कंपनियों में 75 फीसदी विदेशी निवेश का विकल्प दिया जा रहा है. इसे अनिवार्य नहीं (Non-Mandatory) बनाया जा रहा है.

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बीमा कंपनियों को 75% एफडीआई के लिए लेनी होगी मंजूरी

इंश्‍योरेंस सेक्‍टर में इस नई व्‍यवस्‍था के तहत जो कंपनियां 75 फीसदी तक विदेशी निवेश जुटाना चाहती हैं, वे जुटा सकती हैं. वहीं, जो ऐसा नहीं चाहती हैं, उनके लिए यह मजबूरी नहीं होगी. वित्‍त मंत्री सीतारमण ने साफ करते हुए कहा, 'एफडीआई की सीमा बढ़ाने का मतलब ये नहीं है कि यह निवेश ऑटोमेटिक रूट से हो सकता है. इसके लिए बीमा कंपनियों को जरूरी मंजूरी भी लेनी होगी.' इस बीच कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने इंश्योरेंस सेक्टर में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के विरोध में संसद (Parliament) के निचले सदन का बहिष्कार किया.
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