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कोरोना काल में विदेशी निवेशकों का भरोसा बरकरार, पहली छमाही में FDI में 15 फीसदी उछाल

भारत में एफडीआई के मामले में इस बार अमेरिका दूसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है.

भारत में एफडीआई के मामले में इस बार अमेरिका दूसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है.

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान 15 फीसदी बढ़कर 30 अरब डॉलर हो गया.

    नई दिल्ली. कोरोना संकट के बावजूद भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है. भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment) चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान 15 फीसदी बढ़कर 30 अरब डॉलर हो गया. आधिकारिक आंकड़ों में यह पता चला.

    DPIIT ने जारी किया आंकड़ा
    डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-सितंबर 2019-20 के दौरान एफडीआई 26 अरब डॉलर रहा था. इस साल जुलाई में देश में 17.5 अरब डॉलर का एफडीआई आया था.

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    इन क्षेत्रों ने आकर्षित किया FDI
    अप्रैल-सितंबर 2020-21 के दौरान जिन क्षेत्रों ने अधिक एफडीआई आकर्षित किया, उनमें कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर (17.55 अरब डॉलर), सेवाएं (2.25 अरब डॉलर), ट्रेडिंग (94.9 करोड़ डॉलर), रसायन (43.7 करोड़ डॉलर) तथा ऑटोमोबाइल (41.7 करोड़ डॉलर) शामिल हैं.

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    FDI का सबसे बड़ा स्रोत बना सिंगापुर
    इस दौरान सिंगापुर 8.3 अरब डॉलर के निवेश के साथ भारत में एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा. इसके बाद अमेरिका (7.12 अरब डॉलर), केमैन आइलैंड्स (2.1 अरब डॉलर), मॉरीशस (दो अरब डॉलर), नीदरलैंड (1.5 अरब डॉलर), ब्रिटेन (1.35 अरब डॉलर), फ्रांस (1.13 अरब डॉलर) और जापान (65.3 करोड़ डॉलर) का स्थान रहा. डीपीआईआईटी ने कहा कि विदेशी कंपनियों की आय के पुनर्निवेश को जोड़कर कुल एफडीआई करीब 40 अरब डॉलर रहा.

    मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम बोले- इकोनॉमी में उम्मीद से ज्यादा तेज रिकवरी
    बता दें कि मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को कहा कि इकोनॉमी (Economy) की हालत में उम्मीद के कहीं ज्यादा तेजी से रिकवरी हो रही है और उससे चालू वित्त वर्ष में अथर्व्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक समेत विभिन्न संस्थानों ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) को लेकर जो अनुमान जताया है, अंतिम आंकड़ा उससे बेहतर होना चाहिए. केंद्रीय बेंक ने 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया है.

    Tags: Fdi

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