अडानी ग्रुप में 43 हजार करोड़ निवेश करने वाले विदेशी फंड्स का पता, ओनरशिप व वेबसाइट तक अपडेट नहीं

गौतम अडानी

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National Securities Depository Ltd) ने तीन विदेशी फंड्स Albula Investment Fund, Cresta Fund और APMS Investment Fund के अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं. इनके पास अडानी ग्रुप की 4 कंपनियों के 43,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर हैं.

  • Share this:
    मुंबई. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National Securities Depository Ltd) ने तीन विदेशी फंड्स Albula Investment Fund, Cresta Fund और APMS Investment Fund के अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं. इनके पास अडानी ग्रुप की 4 कंपनियों के 43,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर हैं. NSDL के इस एक्शन के बाद अरबपति कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुआई वाले अडानी ग्रुप (Adani Group) के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.

    जानकारी छुपा रहे तीनों फंड्स
    ये तीनों विदेशी फंड्स बदले हुए नए नियमों के तहत अपनी जानकारी अपडेट नहीं कर रहे थे. साथ ही कई महत्पूर्ण जानकारी छुपा रहे थे. वहीं, दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेबी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अडानी ग्रुप के शेयरों में प्राइस मैन्युपुलेशन किया गया है. यानी शेयरों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि किसी जोड़-तोड़ के जरिए तो नहीं की गई.

    ये भी पढ़ें- NSDL की बड़ी कार्रवाई को लेकर अडानी ग्रुप ने दी सफाई, अकाउंट फ्रीज वाली खबरों पर कही ये बात

    अडानी के शेयरों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि भी रडार पर
    पिछले 1 साल में अडानी ग्रुप के शेयरों में 200-1000 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है. सूत्रों के मुताबिक सभी घटनाओं के बीच कनेक्शन और पूरा मामला सेबी के रडार पर है. मामले के एक जानकार ने कहा कि सेबी ने 2020 में अडानी के शेयरों में बेतहाशा तेजी के मामले की जांच शुरू की थी, जो अब भी चल रही है.

    यह भी पढ़ें- LIC IPO: सरकार की एंकर निवेशकों से 25 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना

    इन तीनों फंड्स की अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन (Adani Green) में 3.58 फीसदी हिस्सेदारी है. प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बेनिफिशियल ओनरशिप के बारे में पूरी जानकारी देनी जरूरी है. लेकिन ये फंड्स जानकारी नहीं दे रहे थे.

    बिजनेस डेली रिपोर्ट के मुताबिक, ये तीनों फंड्स सेबी में विदेशी पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स के तौर पर रजिस्टर्ड हैं. ये मॉरिशस के Port Louis शहर के एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं. इनकी कोई अपनी वेबसाइट भी नहीं है.

    शेयरों की कीमतों में छेड़छाड़ की जांच
    कैपिटल मार्केट्स रेग्युलेटर ने 2019 में एफपीआई के लिए केवाईसी (KYC) डॉक्युमेंटेशन को पीएमएलए के मुताबिक कर दिया था. फंड्स को 2020 तक नए नियमों का पालन करने का समय दिया गया था.
    सेबी का कहना था कि नए नियमों का पालन नहीं करने वाले फंड्स का अकाउंट फ्रीज कर दिया जाएगा.

    यह भी पढ़ें- Market Live: वैश्विक कारणों से बाजार में गिरावट, निफ्टी 15700 के नीचे

    ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, नियमों के मुताबिक एफपीआई को कुछ अतिरिक्त जानकारी देनी थी. इनमें कॉमन ओनरशिप का खुलासा और फंड मैनेजर्स जैसे अहम कर्मचारियों की पर्सनल डिटेल शामिल थी. लेकिन ये तीनों फंड्स ये जानकारी नहीं दे रहे थे. सूत्रों का कहना है कि इन फंड्स और अडानी ग्रुप के शेयरों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि का कनेक्शन भी रडार पर है. अगर ये फंड्स ओनरशिप की जानकारी नहीं देते हैं तो ये मामला और गंभीर हो जाएगा.

    बता दें कि अडानी ग्रुप की 6 कंपनियां बाजार में लिस्ट हैं. जिसमें अडानी पोर्ट और अडानी पावर भी शामिल हैं. इस खबर के चलते आज के शुरुआती कारोबार Adani Green, Adani Transmission और Adani Gas ने एनएसई पर 5 फीसदी का लोअर सर्किट हिट कर दिया. वहीं Adani Enterprises में 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.

    इस बारे में एनएसडीएल, सेबी और अडानी ग्रुप को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया. Albula Investment Fund, Cresta Fund और APMS Investment Fund से संपर्क नहीं हो पाया.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.