विदेशी कंपनियों को भारत लाने के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, दी एम्पावर्ड ग्रुप को बनाने की मंजूरी

विदेशी कंपनियों को भारत लाने के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, दी एम्पावर्ड ग्रुप को बनाने की मंजूरी
एफडीआई बढ़ाने पर हुआ फैसला

देश में विदेशी निवेश (FDI-Foreign Direct Investment) बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एम्पावर्ड ग्रुप बनाने की मंजूरी दे दी है.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विदेशी निवेश बढ़ाने पर फैसला हो गया है. कैबिनेट (Cabinet Decision) के फैसलों की जानकारी देते हुए  केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, सरकार निवेश बढ़ाने के लिए एम्पावर्ड ग्रुप को बनाने की मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट सेल बनाने का फैसला किया गया है. कैबिनेट ने कोलकाता पोर्ट का नाम बदलने को मंजूरी दी है. कोलकाता पोर्ट नाम बदलकर श्याया प्रसाद मुखर्जी रखा जाएगा.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हालिया बयान में बताया कि, ‘‘मेक इन इंडिया के पक्ष में एक और तथ्य, 2019-20 में भारत में आया एफडीआई 18 फीसदी बढ़कर 73 अरब डॉलर हुआ. कुल एफडीआई 2013-14 के स्तर से दो गुना हुआ, जब यह महज 36 अरब डॉलर था. दीर्घ अवधि के इन निवेशों से रोजगार सृजन में तेजी आयेगी.



भारत में वित्त वर्ष 2019-20 में रिकॉर्ड 49.97 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया. यह वित्त वर्ष 2018-19 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है. आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले चार वित्त वर्ष में भारत में एफडीआई की सबसे तेज वृद्धि है. वित्त वर्ष 2015-16 में एफडीआई 35 प्रतिशत बढ़ा था. एफडीआई को लेकर आंकड़े 2000-01 से जारी किये जा रहे हैं.

वित्त वर्ष 2015-16 की वृद्धि तब से ही सर्वाधिक है. इससे पहले वित्त वर्ष 2018-19 में भारत में 44.36 अरब डॉलर का एफडीआई आया था. पुराने एफडीआई की आय के वित्त वर्ष 2019-20 में देश में ही पुन: निवेश तथा अन्य पूंजी को शामिल करने पर वर्ष के दौरान कुल एफडीआई साल भर पहले के 62 अरब डॉलर की तुलना में 73.45 अरब डॉलर रहा.

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 के दौरान सेवा क्षेत्र में सर्वाधिक 7.85 अरब डॉलर का एफडीआई आया.

इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र में 7.67 अरब डॉलर, दूरसंचार क्षेत्र में 4.44 अरब डॉलर, व्यापार क्षेत्र में 4.57 अरब डॉलर, वाहन क्षेत्र में 2.82 अरब डॉलर, निर्माण क्षेत्र में दो अरब डॉलर और रसायन क्षेत्र में एक अरब डॉलर का एफडीआई आया.

कौन से देश से हुआ सबसे ज्यादा निवेश-इस दौरान सिंगापुर से सर्वाधिक 14.67 अरब डॉलर का एफडीआई आया. यह लगातार दूसरा वित्त वर्ष है जब भारत में सर्वाधिक एफडीआई सिंगापुर के रास्ते से आया है. हालांकि यह 2018-19 में आये 16.22 अरब डॉलर के एफडीआई की तुलना में कम है. इसके अलावा मॉरीशस से 8.24 अरब डॉलर, नीदरलैंड से 6.5 अरब डॉलर, अमेरिका से 4.22 अरब डॉलर, केमेन द्वीप से 3.7 अरब डॉलर, जापान से 3.22 अरब डॉलर, फ्रांस से 1.89 अरब डॉलर, ब्रिटेन से 1.42 अरब डॉलर, साइप्रस से 87.9 करोड़ डॉलर और जर्मनी से 48.8 करोड़ डॉलर का एफडीआई आया.
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