• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • मोदी सरकार की नीतियों पर मेहरबान हुए विदेशी निवेशक, 9 महीनों में ही 22% अधिक FDI हुआ

मोदी सरकार की नीतियों पर मेहरबान हुए विदेशी निवेशक, 9 महीनों में ही 22% अधिक FDI हुआ

narendra Modi

narendra Modi

मार्च-अप्रैल 2020 के बाद कोरोना की वजह से पूरी दुनियां के अधिकांश देशों में लॉक डाउन किया गया. भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई.विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा था.इन परिस्थितियों में विदेशी निवेशकों ने भारत में निवेश करना ज्यादा उचित समझा.

  • Share this:
    नई दिल्ली. मार्च-अप्रैल 2020 के बाद कोरोना की वजह से पूरी दुनियां के अधिकांश देशों में लॉक डाउन किया गया. भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई.विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा था. इन परिस्थितियों में विदेशी निवेशकों ने भारत में निवेश करना ज्यादा उचित समझा. नतीजतन अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान 67.54 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का आवक रहा. गत वर्ष के इन्हीं महीनों की तुलना में 22 फीसदी अधिक एफडीआई आवक दर्ज किया गया. अप्रैल-दिसंबर 2019-20 में 55.14 बिलियन डॉलर का एफडीआई आवक देखा गया था. वहीं, चालू वित्त वर्ष के तीसरे तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर में भी FDI आवक 37 फीसदी अधिक 26.16 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया.

    FDI इक्विटी आवक में भी हुई 40 फीसदी की बढ़ोतरी
    पिछले वित्त वर्ष के तीसरी तिमाही में 19.09 बिलियन डॉलर एफडीआई आवक हुआ था. दिसंबर 2020 की अगर बात करे तो साल के इस आखिरी माह में भी 24 फीसदी अधिक एफडीआई आवक रहा. दिसंबर 2020 में कुल 9.22 बिलियन डॉलर का एफडीआई इंफलौ देखने को मिला जबकि दिसंबर 2019 में यह महज 7.46 बिलियन डॉलर था. आंकड़ो पर गौर करे तो चालू वित्त वर्ष के तीन तिमाही यानी अप्रैल-दिसंबर के बीच एफडीआई इक्विटी में भी 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. अप्रैल-दिसंबर 2020 में कुल एफडीआई आवक 51.47 बिलियन डॉलर हुआ जबकि गत वर्ष के इन्हीं महीनों में महज 36.77 बिलियन डॉलर एफडीआई आवक हुआ था.

    ये भी पढ़ें- 8 मार्च को खुलेगा EaseMyTrip का IPO, मिलेगा कमाई का मौका! जानें इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें

    जानिए क्या रही वजह?
    जैसा कि सभी जानते है कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की चाल समझने के लिए एफडीआई आवक कारक को महत्वपूर्ण समझा जाता है. यह एक गैर कर्ज वाला वित्त होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति दी जाती है. कोरोना काल मे भी मोदी सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई नीतिगत सुधार किए. एफडीआई नीति को निवेशक हितैषी बनाने के लिए हर संभव कोशिश की. यही नहीं एफडीआई आवक में बाधा उत्पन्न करने वाले सभी कारणों को चिन्हित कर केंद्र सरकार ने दूर भी किया. एफडीआई आवक बढ़ाने के लिए सरकार ने उदारीकरण और सरलीकरण का रास्ता चुना. सरकार ने एफडीआई पॉलिसी में सुधार किया, निवेशकों के लिए कई सुविधाएं मुहैया कराई. इसके अलावा सरकार ने इज ऑफ डूइंग बिज़नेस को और अधिक सुधारा. सरकार ने अपने नीतियों का निर्माण इस तरह से किया ताकि निवेशकों की पहली पसंद भारत बने. आंकड़े इस बात की तस्दीक करते है कि सरकार के ये प्रयास अब रंग लाने लगे है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज