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    सितंबर में विदेशी निवेशकों ने बेचे 7,783 करोड़ रुपये के शेयर, जानें FPI ने क्‍यों की मुनाफावसूली

    सितंबर 2020 में विदेशी निवेशकों भारतीय पूंजी बाजार से शुद्ध तीन हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा की निकासी की.
    सितंबर 2020 में विदेशी निवेशकों भारतीय पूंजी बाजार से शुद्ध तीन हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा की निकासी की.

    डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन पोर्टफोलियो इंवेस्‍टर्स (FPI) ने सितंबर 2020 में 7,783 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री (Net Sell) की. वहीं, डेट सेगमेंट (Debt Segment) में इस दौरान 4,364 करोड़ रुपये का निवेश (Investment) भी किया. जून, जुलाई और अगस्त 2020 में एफपीआई भारतीय पूंजी बाजार (Indian Capital Market) में शुद्ध निवेशक बने रहे.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 4, 2020, 6:14 PM IST
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    नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Exchanges) और डेट फंड्स (Debt Funds) में जमकर निवेश (Investment) किया. एफपीआई की ओर से निवेश का ये सिलसिला लगातार तीन महीने तक चला. इससे मुश्किल हालात में भी शेयर बाजारों में हलचल बनी रही. इसके बाद सितंबर 2020 में एफपीआई ने जमकर मुनाफावसूली (Profit Booking) की. इस दौरान उन्‍होंने देश के कैपिटल मार्केट (Capital Market) से शुद्ध 3,419 करोड़ रुपये निकाले.

    विदेशी निवेशकों ने सितंबर में 7,783 करोड़ के शेयर बेचे
    डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने सितंबर 2020 में 7,783 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की. वहीं, डेट सेगमेंट में इस दौरान 4,364 करोड़ रुपये का निवेश भी किया. जून, जुलाई और अगस्त 2020 में एफपीआई भारतीय पूंजी बाजार में शुद्ध निवेशक बने रहे. अगस्त में उन्होंने 46,532 करोड़ रुपये का निवेश किया. वहीं, एफपीआई की ओर से जून में 24,053 करोड़ और जुलाई 2020 में 3,301 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया गया.

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    कोविड-19 की सेकेंड वेव के कारण बरत रहे सतर्कता


    अमेरिका में हो रहे राष्ट्रपति चुनाव के कारण एफपीआई सतर्कता बरत रहे हैं. इसके अलावा कई देशों में कोरोना वायरस की सेकेंड वेव के कारण भी अनिश्चितता का माहौल बढ़ रहा है. इससे निवेशकों में संक्रमण के रेड जोन इलाकों में फिर से लॉकडाउन लगाने का डर बढ़ रहा है. माना जा रहा है कि अमेरिका में राष्ट्र्रपति चुनाव और कोरोना वायरस के मामलों में हर दिन हो रही बढ़ोतरी के कारण पैदा हुए अनिश्चितता के हालात के मद्देनजर एफपीआई भारतीय बाजारों से पैसे निकाल रहे हैं. वहीं, अब अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनकी पत्‍नी के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के कारण निवेश का माहौल काफी खराब हो गया है.

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    भारतीय डेट सेगमेंट में मिल रहा है शानदार यील्‍ड
    बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज और नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज में पिछले कुछ महीने में उछाल दर्ज किया गया. वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ है. ऐसे में एफपीआई ने मुनाफावसूली में ही समझदारी समझी. फेडरल रिजर्व की ओर से सरकारी बांड की जबरदस्‍त खरीदारी करने से अमेरिका में बांड की यील्ड काफी घट गई है. ऐसे में निवेशकों ने भारत जैसे देशों के डेट बाजार में निवेश करना उचित समझा होगा. दरअसल, कोरोना संकट के बाद भी भारत के डेट सेगमेंट में यील्‍ड काफी अच्‍छा रहा है. इसलिए एफपीआई ने डेट सेगमेंट में जमकर लिवाली की.
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