भारतीय बाजार में बढ़ा FPI निवेश, नवंबर महीने में डाले 49,553 करोड़

विदेशी पोर्टफोलियो निवेश
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश

नवंबर महीने में फॉरेन पोर्टफोलियो (Foreign Portfolio Investors) निवेशकों ने भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. अब तक इस महीने में इंडियन मार्केट में FPI ने 49,553 करोड़ रुपए का निवेश किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2020, 1:56 PM IST
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नई दिल्ली: नवंबर महीने में फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. अब तक इस महीने में इंडियन मार्केट में FPI ने 49,553 करोड़ रुपए का निवेश किया है. वहीं, पिछले 8 महीनों में भारतीय इक्विटी बाजार में 1.4 लाख करोड़ रुपये डाले हैं. आपको बता दें FPI में फॉरन इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स और फॉरन इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स दोनों आते हैं. बता दें अमेरिकी चुनावों के बाद से ग्लोबल मार्केट में काफी तेजी देखने को मिली है.

अब तक हुआ कुल 49,553 करोड़ का निवेश
आपको बता दें अच्छी लिक्विडिटी और जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद ग्लोबल मार्केट और इंडियन मार्केट काफी मजबूत हुए हैं, जिससे भारतीय बाजारों में एफपीआई काफी बढ़ गया है. आपको बता दें एफपीआई ने 3 से 20 नवंबर के दौरान शेयरों में शुद्ध रूप से 44,378 करोड़ रुपये और बांड बाजार में 5,175 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसके बाद अब तक कुल निवेश 49,553 करोड़ रुपए का हो गया है.

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2 से 13 नवंबर के बीच बढ़ा निवेश


डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, 02 से 13 नवंबर के दौरान एफपीआई ने शेयरों में शुद्ध रूप से 29,436 करोड़ रुपये तथा ऋण या बांड बाजार में 5,673 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इस तरह उनका शुद्ध निवेश 35,109 करोड़ रुपये रहा है. इससे पिछले महीने भारतीय बाजारों में एफपीआई का शुद्ध निवेश 22,033 करोड़ रुपये रहा था.

अक्टूबर में किया इतना निवेश
बता दें अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 22,033 करोड़ रुपये डाले थे. ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) हर्ष जैन ने कहा कि लिक्विडिटी की स्थिति बेहतर रहने और वैश्विक संकेतों में सुधार से एफपीआई का भारतीय बाजारों में निवेश बढ़ा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर असमंजस दूर होने के बाद एफपीआई निवेश बढ़ा रहे है. इसी तरह की राय जताते हुए कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष-प्रमुख बुनियादी शोध-पीसीजी रुस्मिक ओझा ने कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों के बाद एफपीआई का निवेश बढ़ा है. वैश्विक स्तर पर निवेशकों को उम्मीद है कि निकट भविष्य में डॉलर और कमजोर होगा.

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ऐसा रहा नवंबर का शुरुआती समय
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी FPI ने नवंबर के पहले पांच कारोबारी सेशन में भारतीय बाजारों में 8,381 करोड़ रुपये लगाए वहीं अक्टूबर महीने में म्यूचुअल फंड्स ने शेयरों से 14,300 करोड़ रुपये की भारी निकासी कर डाली.
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