भारत-चीन तनाव की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर में निकाले 2038 करोड़ रुपये

भारत-चीन तनाव की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर में निकाले 2038 करोड़ रुपये
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश

FPI In Septemeber: सितंबर महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो ने 2,038 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाल लिये हैं. निवेशक भारत-चीन के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव और कमजोर वैश्विक रुख को लेकर चिंतित हैं.

  • भाषा
  • Last Updated: September 13, 2020, 8:23 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजारों से सितंबर में अब तक शुद्ध रूप से 2,038 करोड़ रुपये निकाले. निवेशक भारत-चीन के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव (Indo-China Border Tension) और कमजोर वैश्विक रुख को लेकर चिंतित हैं. डिपोजिटरी के आंकड़े के अनुसार FPI ने एक सितंबर से 11 सितंबर के दौरान शेयरों से शुद्ध रूप से 3,510 करोड़ रुपये की निकासी की जबकि बांड में 1,472 करोड़ रुपये निवेश किये.

जून से अगस्त तक रही थी लिवाली
इससे पहले, एफपीआई जून से अगस्त के दौरान शुद्ध रूप से लिवाली की थी. उन्होंने शुद्ध रूप से अगस्त में 46,532 करोड़ रुपये, जुलाई में 3,301 करोड़ रुपये और जून में 24,053 करोड़ रुपये निवेश किये थे.

मार्निंग स्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक (शोध प्रबंधक) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘एफपीआई ने सितंबर की शुरूआत से भारतीय शेयर बाजारों में निवेश को लेकर सतर्क रुख अपनाया है.’’
यह भी पढ़ें: 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में कहां कितना हुआ खर्च, सरकार ने दिया हिसाब



क्या है बिकवाली की वजह
उन्होंने कहा कि जून, 2020 को समाप्त तिमाही में अर्थव्यवस्था में तीव्र गिरावट के आंकड़े से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई. पुन: कमजोर वैश्विक रुख के साथ भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव बढ़ने से निवेशकों ने बाजार से दूर रहना बेहतर समझा. श्रीवास्तव के अनुसार इसके अलावा हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी.

टॉप 10 एफडीआई प्राप्त करने वाले देशों में भारत
यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (UNCTAD) के अनुसार, दक्षिण एशिया में भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे लचीली अर्थव्यवस्था के रूप में उभर सकता है और 2020 में विदेश निवेश ​आकर्षित करने में सफल होगा. हालांकि, इस दौरान वैश्विक एफडीआई में गिरावट दर्ज की जाएगी. 2019 में एफडीआई प्राप्त करने वाली टॉप कंपनियों में भारत 9वें पायदान पर था. 2018 में भारत की रैंकिंग 12वीं थी.

यह भी पढ़ें: बड़ी खबर! कोरोना के कारण नौकरी गंवाने वालों को आधी सैलरी देगी सरकार

जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और वैश्विक कंपनियों को आश्वस्त किया कि भारत सरकार बड़े स्तर पर ढांचागत रिफॉर्म्स के लिए सक्षम है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज