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महाराष्ट्र में सस्ती होगी शराब! विदेश से आई स्कॉच व्हिस्की पर एक्साइज ड्यूटी 50% कम

महाराष्ट्र में सस्ती होगी शराब! विदेश से आई स्कॉच व्हिस्की पर एक्साइज ड्यूटी 50% कम

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने दूसरे देशों से इंपोर्ट या आयात की गई स्कॉच व्हिस्की (Scotch Whisky) पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) की दर में 50 प्रतिशत की कटौती की है.

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने दूसरे देशों से इंपोर्ट या आयात की गई स्कॉच व्हिस्की (Scotch Whisky) पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) की दर में 50 प्रतिशत की कटौती की है.

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने दूसरे देशों से इंपोर्ट या आयात की गई स्कॉच व्हिस्की (Scotch Whisky) पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) की दर में 50 प्रतिशत की कटौती की है. नए रेट लागू होने के बाद महाराष्ट्र में शराब के दाम (New rates of liquor in Maharashtra) अन्य प्रदेशों के बराबर हो जाएगा. अब विदेशी ब्रांड ब्लैक लेबल (Black Label), ग्लेनफिडिच (Glenfiddich), चिवस रीगल (Chivas Regal) और लागावुलिन 16 (Lagavulin 16) की कीमत लगभग 25 से 35 प्रतिशत तक कम हो जाएगी. सरकार के राजस्व में भी दोगुने से भी ज्यादा का इजाफा हो सकता है.

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    नई दिल्ली. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने दूसरे देशों से इंपोर्ट या आयात की गई स्कॉच व्हिस्की (Scotch Whisky) पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) की दर में 50 प्रतिशत की कटौती की है. नए रेट लागू होने के बाद महाराष्ट्र में शराब के दाम (New rates of liquor in Maharashtra) अन्य प्रदेशों के बराबर हो जाएगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी. अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) से कहा कि स्कॉच व्हिस्की पर एक्साइज ड्यूटी को 300 से घटाकर 150 प्रतिशत कर दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि इस बारे में अधिसूचना सोमवार को जारी की गई.

    विदेशी ब्रांड ब्लैक लेबल (Black Label), ग्लेनफिडिच (Glenfiddich), शिवाज़ रीगल (Chivas Regal) और लागावुलिन 16 (Lagavulin 16) की कीमत लगभग 25 से 35 प्रतिशत तक कम हो जाएगी.

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    सरकार को होगा राजस्व में फायदा
    महाराष्ट्र सरकार को इम्पोर्टेड स्कॉच की बिक्री पर सालाना 100 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है. अधिकारी ने कहा कि इस कटौती से सरकार का राजस्व बढ़कर 250 करोड़ रुपये पर पहुंचने की उम्मीद है, क्योंकि इससे बिक्री एक लाख बोतल से बढ़कर 2.5 लाख बोतल हो जाएगी.

    एक्साइज ड्यूटी (Maharashtra State Excise) की गणना प्रति यूनिट के आधार पर की जाती है. यानी अगर आप एक लीटर शराब खरीदते हैं तो आपको 15 रुपये का फिक्स एक्साइज ड्यूटी देना होता है. अधिकारी ने कहा कि शुल्क में कमी से अन्य राज्यों से स्कॉच की तस्करी और नकली शराब की बिक्री पर भी अंकुश लगेगा. अधिकारी ने आगे कहा कि एक्साइज ड्यूटी कम करने से तस्करी (शराब की) पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. राज्य को इससे दोगुना राजस्व मिलने की उम्मीद है जो वर्तमान में सालाना 100 करोड़ रुपये है.

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    क्या-क्या होगा, पांच बड़ी बातें
    1. एक्साइज ड्यूटी में कमी रम, ब्रांडी, वोदका और जिन पर लागू होगी. हालांकि, बीयर और वाइन को ताजा आदेश से छूट दी गई है.
    2. इस निर्णय के साथ, स्कॉच व्हिस्की जैसी 1,000 मिलीलीटर इंपोर्टेड शराब की बोतल की कीमत, जो 5,000 रुपये और 14,000 रुपये के बीच है, वह 35-40 फीसदी तक कम हो जाएगी.
    3. एक्साइज ड्यूटी में कमी केवल इंपोर्टेड शराब ब्रांडों पर लागू होगी जो मूल देश में बोतलबंद और पैक किए गए हैं, न कि उन अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों पर जो भारत में बोतलबंद हैं.
    4. एक्साइज ड्यूटी में कमी भारतीय निर्मित विदेशी शराब ब्रांडों पर लागू नहीं होगी.
    5. महाराष्ट्र में अपने पड़ोसी राज्यों की तुलना में इंपोर्टेड व्हिस्की पर सबसे अधिक एक्साइज ड्यूटी है. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गोवा में शराब पर टैक्स की दर देश में सबसे कम है.

    Tags: Excise duty, Liquor, New Liquor Policy

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