लाइव टीवी

रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और CMD ​सुनील गोधवानी समेत दो ​अन्य गिरफ्तार

News18Hindi
Updated: October 10, 2019, 7:44 PM IST
रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और CMD ​सुनील गोधवानी समेत दो ​अन्य गिरफ्तार
शिविंदर सिंह

दिल्ली इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (Economic Offence Wing, Delhi) ने फोर्टिस (Fortis Healthcare) के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह  और रेलिगेयर के पूर्व सीएमडी ​सुनिल गोधवानी समेत दो ​अन्य गिरफ्तार कर लिया है. मलविंदर सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2019, 7:44 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. रैनबैक्सी (Ranbaxy) के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह (Shivinder Singh) को दिल्ली इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (Economic Offence Wing, Delhi) ने गुरुवार को धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार कर लिया. इसी मामले में शिविंदर सिंह के साथ रेलिगेयर के पूर्व सीएमडी ​सुनील गोधवानी (Sunil Godhwani) समेत दो ​अन्य लोगों ​की भी गिरफ्तारी हुई है. दिल्ली इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने इन्हें 740 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में गिरफ्तार किया है. साथ ही मलविंदर सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है.




गिरफ्तारी तब हुई जब इन सभी को मंदिर मार्ग में ईओडब्ल्यू कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया. वर्षा शर्मा, डीसीपी (ईओडब्ल्यू) ने पुष्टि की कि पुलिस ने शिविंदर सिंह, सुनील गोडवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया है.

आरोपियों को आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है
Loading...

दिसंबर 2018 में, Religare Finvest Limited द्वारा दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में सिंह बंधुओं और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज की गई थी.

सिंगापुर ट्रि​ब्युनल ने भी दोनों भाइयों को दोषी करार दिया है
शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की ​दाइची सांक्यो नाम की एक कंपनी पर 3,500 करोड़ रुपये का कर्ज है. सिंगापुर की एक ट्रिब्युनल ने दोनों भाइयों को इस मामले में दोषी करार दिया है. दोनों भाइयों पर आरोप है कि वो जापानी ड्रगमेकर कंपनी को बिना किसी विस्तृत जानकारी के ही रैनबैक्सी कंपनी को बेचने की तैयारी कर रहे थे.

ये भी पढ़ें: SBI ने 220 डिफॉल्टर्स के ₹76,600 करोड़ का कर्ज खत्म किया, RTI से हुआ खुलासा

सेबी ने भी 403 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है
बता दें कि दोनों भाइयों के बीच फोर्टिस हेल्थेकयर और रेलिगेयर एंटरप्राइज लिमिटेड को लेकर विवाद है. जांच खुलासे के बाद बाजार नियामक सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ने दोनों भाइयों व उनसे संबंधित 8 फर्म्स को 403 करोड़ रुपये फोर्टिस के खाते में जमा करने का आदेश दिया है. जांच में पता चला था कि दोनों ने फोर्टिस से फंड को अन्य जगह पर डाइवर्ट किया और फाइनेंशियल स्टेटमेंट में गड़​बड़ियां की.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 10, 2019, 6:26 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...