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पोस्ट ऑफिस से खरीद सकेंगे मखाना, जल्द ही बिहार नहीं बल्कि मिथिला के नाम से मिलेगी पहचान

पहले ही मखाना केंद्रीय अनुसंधान का केंद्रीय दर्जा समाप्त किया जा चुका है.
पहले ही मखाना केंद्रीय अनुसंधान का केंद्रीय दर्जा समाप्त किया जा चुका है.

अब ​मखाने को बिहार नहीं बल्कि मिथिला के नाम से पहचाना जाएगा. एक नये प्रस्ताव के तहत यह प्रावधान लाया गया है. मखाने को लेकर बिहार टैग के नाम की फाइल ​लौटाई जा चुकी है. लोकसभा में केंद्र सरकार ने इस बारे में जानकारी दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 16, 2021, 12:34 PM IST
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नई दिल्ली. मखाने (Foxnut) को लेकर एक बार फिर चर्चाएं होने लगी हैं. नई चर्चा मखाने के नाम को लेकर हो रही हैं. लेकिन यह तय हो चुका है कि मखाना बिहार (Bihar) मखाना के नाम से नहीं जाना जाएगा. मखाना को बिहार का भौगोलिक संकेतक (GI) टैग देने से इंकार कर दिया गया है. नए प्रस्ताव के अनुसार अब मखाना को मिथिला (Mithila) मखाने का टैग दिया जा सकता है. वहीं दूसरी ओर केन्द्र सरकार (Central Government) मखाना अनुसंधान केन्द्र का केन्द्रीय दर्जा पहले ही समाप्त कर चुकी है.

गौरतलब रहे कि कृषि अनुसंधान एंव शिक्षा विभाग का कहना है कि दरभंगा में मखाना अनुसंधान केन्द्र को केन्द्रीय दर्जा दिया गया था. लेकिन नियमों को पूरा किए बिना इस केन्द्र को पटना स्थित केन्द्र में मिला लिया गया और इस प्रशासनिक नियंत्रण में दे दिया गया. जिसके चलते केन्द्र सरकार ने दर्ज समाप्त कर दिया.

लौटाई जा चुकी है बिहार टैग के नाम की फाइल
लोकसभा में उठे सवाल के जवाब में केन्द्र सरकार ने जानकारी देते हुए कहा है कि मिथिलांचल मखाना उत्पादक संघ की ओर से 20 अगस्त 2020 को बिहार मखाना के नाम से जीआई टैग के लिए जीटाई रजिस्ट्री कार्यालय में आवेदन किया गया था. लेकिन किन्ही कारणों के चलते यह फाइल लौटा दी गई थी. इसके बाद दोबारा से आवेदन मिला तो उसमे मिथिला मखाना के नाम से जीआई टैग की मांग की गई थी. साथ ही पुरानी कुछ गलतियों को भी दुरुस्त कर लिया गया. अब जीआई रजिस्ट्री कार्यालय इस प्रसताव पर काम कर रहा है.
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पोस्ट ऑफिस से बेचा जाएगा मखाना
जानकारों की मानें तो मखाना को फॉक्स नट या कमल का बीज भी कहा जाता है. प्राचीन काल से मखाना को पर्वों में उपवास के समय खाया जाता है.  मखाना से मिठाई, नमकीन और खीर भी बनाई जाती है. मखाना पौष्टिकता से भरपूर होता है क्योंकि इसमें मैगनेशियम, पोटैशियम, फाइबर, आयरन जिंक भरपूर मात्रा में होते हैं. यह ऑर्गेनिक हर्बल भी कहा जाता है, क्योंकि इसे बिना रासायनिक खाद  के उगाया जाता है.

मिथिला नेचुरल के डायरेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि सभी प्रकार के मखाना उत्पाद जैसे मखाना खीर, मखाना इंस्टेन्ट मिल्क शेक, फूल मखाना, मखाना लावा अंकित मूल्य से 10 प्रतिशत छूट के साथ डाकघरों में उपलब्ध कराए जा रहे हैं. आने वाले दिनों में  मखाना शेक भी लोगो को उपलब्ध हो सकेगा. मखाना को बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और यहां तक कि विदेशों में भी भेजने की योजना है. इसके लिए एप्प के साथ ही वाट्सअप की मदद ली जाएगी. साथ ही आप घर बैठे डाकिया के माध्यम से भी इसे मंगवा सकते हैं. देश विदेश की हर थाली में एक बिहारी व्यंजन की दिशा में यह सकारात्मक पहल मानी जा रही है.
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