भारतीय बाजारों पर बढ़ा निवेशकों का भरोसा, 2012-13 के बाद शेयरों में FPI का सबसे बड़ा निवेश

एफपीआई

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शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment) जनवरी के अंत तक बढ़कर 44 अरब डॉलर पर पहुंच गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 7:52 PM IST
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मुंबई. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई (Foreign portfolio investors) का भारतीय शेयरों में निवेश चालू वित्त वर्ष में 10 मार्च तक 36 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गया है. रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, यह वित्त वर्ष 2012-13 से शेयरों में एफपीआई (FPI) का सबसे ऊंचा निवेश है.

FPI जनवरी के अंत तक बढ़कर 44 अरब डॉलर पर पहुंचा

वहीं, दूसरी ओर शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment) जनवरी के अंत तक बढ़कर 44 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. एक साल पहले यह 36.3 अरब डॉलर पर था. नवंबर और दिसंबर में जबर्दस्त प्रवाह से एफडीआई बढ़ा है. दिसंबर में एफडीआई रिकॉर्ड 6.3 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा था.

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FPI ने 10 मार्च तक 36 अरब डॉलर डाले

रिजर्व बैंक के मार्च के बुलेटिन के अनुसार शेयरों में निवेश घटने की वजह से जनवरी में एफडीआई प्रवाह नीचे आया है. बुलेटिन में कहा गया है, ''एफपीआई ने चालू वित्त वर्ष में इक्विटी खंड में शुद्ध लिवाली की है. वहीं इस अवधि के दौरान ऋण या बांड बाजार में वे शुद्ध बिकवाल रहे हैं. कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष में 10 मार्च तक एफपीआई ने शेयरों में शुद्ध रूप से 36 अरब डॉलर डाले हैं.''

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रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अवधि में एफपीआई के निवेश की गुणवत्ता सुधरी है. फरवरी के अंत तक श्रेणी-एक के विदेशी निवेशकों मसलन केंद्रीय बैंक, सॉवरेन संपदा कोष, पेंशन कोष, नियमन वाली इकाइयां, बहुपक्षीय संगठनों का कुल इक्विटी परिसंपत्तियों में हिस्सा बढ़कर 95 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गया. दिसंबर, 2019 के अंत तक यह 87 फीसदी पर था.
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