अप्रैल में 9,659 करोड़ तो मई में अब तक भारतीय बाजारों से 6,452 करोड़ रुपये निकाले FPI ने

राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के चलते बाजार का मूड बिगाड़ सकता है

राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के चलते बाजार का मूड बिगाड़ सकता है

कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर भारतीय बाजारों में भी दिखाई दे रहा है. डिपॉजिटरी (depositori) के डेटा के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने मई से 14 मई के बीच इक्विटी मार्केट से 6,4,27 करोड़ रुपये और डेट सेगमेंट (debt segment) से 25 करोड़ रुपये निकाले हैं.

  • Share this:

नई दिल्ली.  कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच इकोनॉमिक रिकवरी (Economic Recovery) प्रभावित होने की आशंका के चलते विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से लगातार निकासी कर रहे हैं. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई (Foreign Portfolio Investors) ने जहां अप्रैल में भारतीय बाजारों से 9,659 करोड़ रुपये निकाले थे वहीं मई महीने में अब तक भारतीय बाजारों (Indian markets) से 6,452 करोड़ रुपये निकाले हैं. साफ है कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर भारतीय बाजारों में भी दिखाई दे रहा है. डिपॉजिटरी (depositori) के डेटा के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने  मई से 14 मई के बीच इक्विटी मार्केट से 6,4,27 करोड़ रुपये और डेट सेगमेंट (debt segment) से 25 करोड़ रुपये निकाले हैं. कुल मिलाकर 6,452 करोड़ रुपये बाजार से निकाले गए हैं।


  

जानिए एक्सपर्ट्स की राय


जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज (Geojit Financial Services) के वी के विजयकुमार (VK Vijayakumar) ने कहा है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर, इस पर काबू पाने के लिए राज्य सरकारों द्वारा लगाई पाबंदियां और GDP वृद्धि और कंपनियों के आय पर पड़ने वाले असर के चलते विदेशी निवेशकों ने पैसे निकाले हैं। इसके पिछले महीने में विदेशी निवेशकों ने इक्विटी और डेट सेगमेंट दोनों से 9,435 करोड़ रुपये निकाले थे। विजय कुमार ने आगे कहा कि FPIs अब IT, फार्मा, चुनिंदा FMCG और कुछ कमाई वाले अच्छे शेयरों पर अपना निवेश बनाए हुए हैं. 


ये भी पढ़ें - टॉप-8 कंपनियों का गिरा मार्केट कैप, RIL-SBI का बढ़ा मुनाफा, जानें टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट






निवेशक घबराए हुए हैं और सतर्क हो रहे हैं


मौजूदा स्थिति और FPIs द्वारा लगातार भारतीय बाजार से हाथ खींचने को लेकर  ग्रो (Groww) के हर्ष जैन (Harsh Jain) ने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ा है. इसके बारे में अभी तक कुछ भी साफ नहीं है. लेकिन निवेशक घबराए हुए हैं और सतर्क हो रहे हैं.


लॉकडाउन के चलते बाजार का मूड बिगाड़ सकता है


Morningstar India के हिमांशु श्रीवास्तव (Himanshu Srivastava) का कहना है कि देश में बढ़ते कोरोना के मामले और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के चलते बाजार का मूड बिगाड़ सकता है. हालांकि FPI का ध्यान अब आर्थिक आंकड़ों के साथ इस बात पर है कि भारत कितनी जल्दी आर्थिक गति को हासिल करता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज