FPI ने अक्ट्रबर में भारतीय बाजारों में 17,749 करोड़ रुपये डाले, जानिए वजह

विदेशी पोर्टफोलियो निवेश
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign Portfolio Investors) ने कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बीच अक्टूबर में अब तक भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 17,749 करोड़ रुपये डाले हैं.

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नई दिल्ली. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign Portfolio Investors) ने कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बीच अक्टूबर में अब तक भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 17,749 करोड़ रुपये डाले हैं. इसके अलावा कारोबार खुलने से भारतीय बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) का भरोसा बढ़ा है.

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एक से 23 अक्टूबर के दौरान एफपीआई ने शेयरों में शुद्ध रूप से 15,642 करोड़ रुपये का निवेश किया. इस दौरान ऋण या बांड बाजार में उन्होंने 2,107 करोड़ रुपये डाले. इस तरह उनका शुद्ध निवेश 17,749 करोड़ रुपये रहा. सितंबर में एफपीआई ने 3,419 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी.

ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि भारतीय बाजारों में एफपीआई का निवेश ऐसे समय आया है जबकि ज्यादातर उभरते बाजारों मसलन ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, ताइवान और थाइलैंड में 2020 में शुद्ध निकासी का सिलसिला देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशकों का मानना है कि तात्कालिक के साथ-साथ दीर्घावधि में भारत का प्रदर्शन अच्छा रहेगा.



मॉर्निंग स्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ''वैश्विक बाजारों में पर्याप्त तरलता की वजह से चिंताओं के बीच भारतीय शेयरों में एफपीआई का निवेश आ रहा है. इसके अलावा अर्थव्यवस्था के खुलने, कारोबारी गतिविधियां शुरू होने तथा उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों की वजह से भारतीय बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों का आकर्षण बना हुआ है.''
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर में निकाले 2038 करोड़ रुपये
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजारों से सितंबर में अब तक शुद्ध रूप से 2,038 करोड़ रुपये निकाले. निवेशक भारत-चीन के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव और कमजोर वैश्विक रुख को लेकर चिंतित हैं. डिपोजिटरी के आंकड़े के अनुसार FPI ने एक सितंबर से 11 सितंबर के दौरान शेयरों से शुद्ध रूप से 3,510 करोड़ रुपये की निकासी की जबकि बांड में 1,472 करोड़ रुपये निवेश किए.

जून से अगस्त तक रही थी लिवाली
इससे पहले, एफपीआई जून से अगस्त के दौरान शुद्ध रूप से लिवाली की थी. उन्होंने शुद्ध रूप से अगस्त में 46,532 करोड़ रुपये, जुलाई में 3,301 करोड़ रुपये और जून में 24,053 करोड़ रुपये निवेश किए थे.
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