मुफ्त राशन बांटने में भी ये बड़े राज्य पिछड़ गए, सरकार ने 31 अगस्त तक बढ़ाई डेट

मुफ्त राशन बांटने में भी ये बड़े राज्य पिछड़ गए, सरकार ने 31 अगस्त तक बढ़ाई डेट
देश के 7 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं जो PMGKAY के तहत 90 प्रतिशत से भी कम अनाज का वितरण किया है.

आत्म निर्भर भारत पैकेज (Aatm Nirbhar Bharat Package) के तहत मई और जून महीने में देश की 26 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने 50% से कम अनाज का वितरण (Ration Distribution List) किया है. उत्तर प्रदेश, केरल, झारखंड, आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु सहित 12 राज्य ऐसे हैं जिन्होंने 7 प्रतिशत से भी कम अनाज का वितरण किया है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने गुरुवार को प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) को लेकर बड़ा ऐलान किया है. मोदी सरकार ने लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान 8 करोड़ से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को आत्मनिर्भर पैकेज (Aatm Nirbhar Bharat Package) के तहत मिलने वाली मुफ्त राशन स्कीम (Free Ration Scheme) की समय-सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी है. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने गुरुवार को कहा, 'पीएम मोदी ने लॉकडाउन में फंसे 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों और अन्य जरूरतमंदों के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत मई, जून में 5 किलो अनाज प्रति व्यक्ति मुफ्त देने की घोषणा की थी. इसका वितरण पूरा करने के लिए कैबिनेट ने 31अगस्त तक समय बढ़ा दिया है.' बता दें कि आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत मई और जून महीने में देश की 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 50% से भी कम अनाज का वितरण कया है.

7 राज्यों ने किया 90 प्रतिशत से कम अनाज का वितरण
पासवान गुरुवार को कहा कि देश में नवंबर महीने तक खाद्यान्न वितरण में कुल 203 लाख मैट्रिक टन आनाज खर्च होना है लेकिन, देश के 7 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं जो अभी तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत 90 प्रतिशत से भी कम अनाज का वितरण किया है. मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम जैसे राज्यों ने तो 75 प्रतिशत से भी कम खाद्यान्न वितरण किया है.

पासवान ने कहा कि देश में नवंबर महीने तक खाद्यान्न वितरण में कुल 203 लाख मैट्रिक टन आनाज खर्च होना है.
पासवान ने कहा कि देश में नवंबर महीने तक खाद्यान्न वितरण में कुल 203 लाख मैट्रिक टन आनाज खर्च होना है.

25 मार्च 2020 को PMGKAY की घोषणा की गई थी


देश में कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी को देखते 25 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा की गई थी. इसके तहत देश के 80 करोड़ से अधिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) लाभुकों को उनके मासिक पात्रता के अलावा प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं अथवा चावल तथा प्रत्येक परिवार को 1 किलो दाल मुफ्त में उपलब्ध कराया जाना शरू हुआ था. 30 जून को एक बार फिर से पीएम मोदी (PM Modi) ने देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए देश के गरीबों को नवंबर महीने तक मुफ्त में अनाज देने का ऐलान किया था.
गौरतलब है कि कोरोना काल यानी मार्च महीने से ही मोदी सरकार ने 81 करोड़ गरीबों में मुफ्त में राशन बांट रही है, जो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत बांटा जा रहा है. इसकी अंतिम तारीख 30 जून तय की गई थी. लेकिन, पीएम ने देश के नाम संबोधन में इसे बढ़ाकर नवंबर 2020 तक कर दिया था.मंत्रालय का दावागुरुवार को मीडिया से बात करते हुए पासवान ने सभी राज्यों से पीएमजीकेएवाई के दूसरे चरण के तहत मुफ्त अनाज वितरण समय सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों से अनाज का उठाव करने का भी आग्रह किया है. पासवान ने कहा कि एफसीआई गोदामों में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. नवंबर महीने त इस योजना के तहत अनाज की कमी नहीं होने देंगे.


भारत सरकार इस योजना का शत प्रतिशत वित्तीय भार वहन कर रही है जो लगभग 46, 000 करोड़ रुपये है. PMGKAY के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी मांग के मुताबिक गेहूं अथवा चावल दिए जाने का निर्णय खाद्य एवं वितरण विभाग द्वारा लिया जा रहा है. अप्रैल, मई और जून महीने में देश के 7 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों ने PMGKAY के तहत 90% से कम अनाज का वितरण किया है. दादर नगर हवेली तथा दमण-दीव ने 87 प्रतिशत, महाराष्ट्र ने 87% झारखंड ने 87% बिहार ने 86% मध्य प्रदेश ने 74% सिक्किम ने 68% और पश्चिम बंगाल ने 66 प्रतिशत अनाज का वितरण किया है.

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वहीं आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत मई और जून महीने में देश की 26 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने 50% से कम अनाज का वितरण कया है. उत्तर प्रदेश, केरल, झारखंड, आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु सहित 12 राज्य ऐसे हैं जिन्होंने 7 प्रतिशत से भी कम अनाज का वितरण किया है.
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