1 अप्रैल से बदल जाएगा EPS पेंशन से जुड़ा ये नियम, जानिए कैसे और कितना होगा फायदा

1 अप्रैल से बदल जाएगा EPS पेंशन से जुड़ा ये नियम, जानिए कैसे और कितना होगा फायदा
1 अप्रैल से होंगे ये बड़े बदलाव

एक अप्रैल, 2020 से नए वित्त वर्ष (2020-21) की शुरुआत हो जाएगी. नए वित्त वर्ष में आपके पैसे से जुडे कई नियम बदल जाएंगे. इन नियमों के बदलने से कहीं आपको फायदा होगा तो कहीं नुकसान. आइए जानते हैं इनके बारे में...

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नई दिल्ली. एक अप्रैल, 2020 से नए वित्त वर्ष (2020-21) की शुरुआत हो जाएगी. नए वित्त वर्ष में आपके पैसे से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे. नए वित्त वर्ष में एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) नियमों में भी बदलाव होगा. नए नियम के तहत EPS पेंशनर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा पेंशन मिलेगी. वहीं, एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड (Employees Provident Fund), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और सुपरएनुएशन में निवेश करने के नियम बदलेंगे. इन नियमों के बदलने से कहीं आपको फायदा होगा तो कहीं नुकसान. आइए जानते हैं इनके बारे में...

मिलेगी ज्यादा पेंशन
सरकार ने रिटायरमेंट के 15 साल बाद पूरी पेंशन का प्रावधान बहाल कर दिया है. इस नियम को 2009 में वापस ले लिया गया था. श्रम मंत्रालय ने नए नियमों को अधिसूचित कर दिया है. इसके अलावा कर्मचारी भविष्‍य निधि (EPF) स्‍कीम के तहत पीएफ खाताधारकों के लिए पेंशन के कम्यूटेशन यानी एकमुश्त आंशिक निकासी का प्रावधान भी अमल में आ गया है. यह कदम खासतौर से उन ईपीएफओ पेंशनर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा जो 26 सितंबर, 2008 से पहले रिटायर हुए हैं और पेंशन की आंशिक निकासी का विकल्‍प चुना है. कम्‍यूटेड पेंशन का विकल्‍प चुनने की तारीख से 15 साल बाद उन्‍हें पूरी पेंशन का फायदा दोबारा मिलने लगेगा.

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7.50 लाख रुपये से ज्यादा निवेश पर लगेगा टैक्स


बजट में अब टैक्स छूट के लिहाज से ईपीएफ, एनपीएस जैसे साधनों में निवेश की सीमा तय कर दी गई है जिसकी वजह से इन पर भी टैक्स लगने की गुंजाइश बन गई है. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि टैक्स छूट के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), नेंशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और सुपरएनुएशन यानी रिटायरमेंट फंड में निवेश की संयुक्त ऊपरी सीमा 7.5 लाख रुपये तक कर दी है. इन तीनों में टैक्स छूट का फायदा मिलता है. यह नया नियम 1 अप्रैल, 2021 से लागू होगा और आकलन वर्ष 2021-22 के लिए मान्य होगा. इसका मतलब यह है कि इन सभी योजनाओं में किसी कर्मचारी का एक साल में निवेश 7.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो उस पर टैक्स लग जाएगा.

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लागू होगा नया इनकम टैक्स सिस्टम
बजट 2020-21 में सरकार ने वैकल्पिक दरों और स्लैब के साथ एक नई आयकर व्यवस्था (New Income Tax Regime) शुरू की है, जो 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नये वित्तीय वर्ष से प्रभावी हो जाएगी. नई कर व्यवस्था में कोई छूट और कटौती का लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि नई कर व्यवस्था वैकल्पिक है यानी करदाता चाहे तो वह पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से भी आयकर अदा कर सकता है. वहीं नए कर प्रस्ताव के तहत 5 लाख रुपये सालाना आय वाले को कोई कर नहीं देना है. 5 से 7.5 लाख रुपये सालाना आय वालों के लिए टैक्स की दर 10%, 7.5 से 10 लाख रुपये की आय पर 15%, 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये पर 20%, 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये की आय पर 25% और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% की दर से कर लगेगा.

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