लाइव टीवी

2 अक्टूबर से बढ़ने वाली है इस बिजनेस की डिमांड, हर महीने 40-50 हजार कमाने का मौका

News18Hindi
Updated: September 27, 2019, 8:50 AM IST
2 अक्टूबर से बढ़ने वाली है इस बिजनेस की डिमांड, हर महीने 40-50 हजार कमाने का मौका
जूट के बैग बनाने की यूनिट शुरू करने का प्रोसेस

पॉल्यूशन को कम करने के लिए भारत सरकार ये प्लान कर रही है. सरकार के इस कदम से जहां प्लास्टिक का बिज़नेस ठप हो जाएगा वहीं कई और बिज़नेस बढ़ेंगे. अगर आप भी कोई नया बिज़नेस (New Business Idea) शुरू करने का प्लान कर रहे हैं तो आपके पास ये खास बिज़नेस शुरू करने का ऑप्शन है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 27, 2019, 8:50 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) 2 अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक प्रोडक्ट को बैन (Single Use Plastic Ban) करने वाली है. इस 2 अक्‍टूबर को सरकार प्लास्टिक से बने प्रोडक्‍टस के इस्‍तेमाल पर पाबंदी से जुड़ा अभियान शुरू करेगी. पॉल्यूशन (Pollution) को कम करने के लिए भारत सरकार ये प्लान कर रही है. सरकार के इस कदम से जहां प्लास्टिक का बिज़नेस ठप हो जाएगा वहीं कई और बिज़नेस बढ़ेंगे. अगर आप भी कोई नया बिज़नेस (New Business Idea) शुरू करने का प्लान कर रहे हैं तो आपके पास ये खास बिज़नेस शुरू करने का ऑप्शन है.

कम निवेश में शुरू होने वाले बिजनेस के बारे में सोच रहे हैं तो जूट के बैग बनाने की यूनिट लगाना बेहतर विकल्प हो है. देश के कई राज्यों में प्लास्टिक पर बैन के बाद जूट के बैग की मांग तेजी से बढ़ी है. ऐसे में कम निवेश में जूट का बैग बनाकर आप अच्छी कमाई कर सकते हैं.

आइए जानते हैं जूट के बैग बनाने की यूनिट शुरू करने का प्रोसेस...

ये भी पढ़ें: 1 अक्टूबर से कार खरीदना और होटल में ठहरना होगा सस्ता, यहां देखें पूरी लिस्ट



इतने में शुरू होगी यूनिट- मिनिस्‍ट्री़ ऑफ टैक्‍सटाइल्‍स के हैंडीक्राफ्ट डिवीजन के मुताबिक, अगर आप एक जूट बैग मेकिंग यूनिट लगाना चाहते हैं तो आपको 5 सिलाई मशीन खरीदनी होंगी, जिनमें 2 हैवी ड्यूटी होनी चाहिए. इन मशीनों पर आपका लगभग 90 हजार रुपए का खर्च आएगा. इसके अलावा आपको लगभग 1 लाख 4 हजार रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरत होगी. जबकि अन्‍य खर्चों, जिसमें फिक्‍सड असेट, ऑपरेटिंग खर्च आदि पर लगभग 58 हजार रुपये का खर्च आएगा. यानी कि आपके प्रोजेक्‍ट की कैपिटल कॉस्‍ट लगभग 2.52 लाख रुपये आएगा.

ये भी पढ़ें: ऑनलाइन ट्रैवल बाजार की दीवानी हुई दुनिया, जानिए इससे जुड़ी रोचक बातें



इस कैपिटल कॉस्‍ट के आधार पर आपको लोन मिलेगा. इसमें एक माह का रॉ मैटेरियल, एक माह का वेतन आदि शामिल है. यानी इस प्रोजेक्‍ट पर आपको 65 फीसदी मुद्रा लोन और 25 फीसदी ब्याज मुक्त लोन नेशनल सेंटर फॉर जूट डायवर्फिकेशन (NCFD) से ले सकते हैं. बाकी 25 हजार रुपये का आपको खुद इंतजाम करना होगा. इतनी राशि से आपका काम शुरू हो जाएगा.

कितना प्रोडक्‍शन होगा- अगर आप इस प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट के आधार पर यूनिट लगाते हैं तो आप 9 हजार शॉपिंग बैग, 6 हजार लेडीज बैग, 7500 स्‍कूल बैग, 9 हजार जेंट्स हैंड बैग, 6 हजार जूट बम्‍बू फोल्‍डर सालाना प्रोडक्‍शन कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार का बड़ा प्लान! प्याज की कीमतों को कम करने के लिए बनाई ये योजना

कितनी होगी इनकम- आपको साल भर में रॉ मैटेरियल, सैलरी, रेंट, डेप्रिशिएसन, बैंक इंटरेस्‍ट आदि पर लगभग 27.95 लाख रुपये का खर्च आएगा, जबकि आपका सेल्‍स रेवेन्‍यू 32.25 लाख रुपये होगा. इस तरह आपका साल भर में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 4.30 लाख रुपये होगा. यानी हर महीने करीब 36 हजार रुपये.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इनोवेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 27, 2019, 7:30 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर