ग्राहक ध्यान दें! 1 अप्रैल से बंद नहीं होंगे ये दोनों सरकारी बैंक, लेकिन ग्राहकों के लिए जरुरी हैं ये तीन काम

ग्राहक ध्यान दें! 1 अप्रैल से बंद नहीं होंगे ये दोनों सरकारी बैंक, लेकिन ग्राहकों के लिए जरुरी हैं ये तीन काम
1 अप्रैल से देश के बैंकिंग सेक्टर में इस साल का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है.

1 अप्रैल से देश के बैंकिंग सेक्टर में इस साल का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 15, 2019, 10:31 AM IST
  • Share this:
1 अप्रैल से देश के बैंकिंग सेक्टर में इस साल का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है. देश के तीन बड़े सरकारी बैंकों का विलय हो जाएगा. हालांकि, इस फैसले से आम ग्राहकों को कई काम करने होंगे. खास पासबुक, चेकबुक और एटीएम को लेकर ये बदलाव होंगे. आपको बता दें कि बैंक बंद नहीं होंगे. इससे पहले सरकार ने देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में उसके 5 सहयोगी बैंक और महिला बैंक का विलय किया था.

कौन से बैंकों का होगा विलय- देश की कई मीडिया रिपोर्ट्स में बैंकों के बंद होने की खबर है. लेकिन ये सही नहीं है. बैंक बंद नहीं बल्कि आपस में विलय होंगे. एक अप्रैल से विजया बैंक(Vijaya Bank) और देना बैंक(Dena Bank) का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा(Bank Of Baroda) में हो जाएगा. 1 अप्रैल से ये दोनों बैंक ऑफ बड़ौदा में मिल जाएंगे.





(ये भी पढ़ें-SBI की ग्राहकों को चेतावनी! इस वॉट्सऐप मैसेज को भूलकर भी ना खोलें, लग सकता है लाखों का चूना)



ग्राहकों का क्या होगा-बैंकों के विलय से खाताधारकों पर कोई असर नहीं होगा. देना बैंक और विजया बैंक के खाताधारकों को इस मर्जर प्रक्रिया से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. बैंक जो भी फैसले लेगा उसके बारे में ग्राहकों को पहले सूचित किया जाएगा. हालांकि, खाताधारकों के लिए थोड़ा कागजी काम जरूर बढ़ जाएगा. बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय के बाद देना बैंक और विजया बैंक के खाताधारकों को नए चेकबुक, पासबुक बनवाने होंगे. इसके लिए बैंक पर्याप्त समय देगा और खाताधारकों की पूरी मदद करेगा.



(ये भी पढ़ें-SBI एक मई से शुरू करेगा ये नई सर्विस, अब ग्राहकों को सीधा मिलेगा फायदा!)

सरकार ने ऐसा क्यों किया-सरकार को उम्मीद है कि तीन बैंकों के मर्जर से उनके ग्राहकों को अच्छी सर्विस मिल पाएगी. विलय होने के बाद उन्हें बड़ा बैंकिंग नेटवर्क उपलब्ध हो जाएगा. मोदी सरकार ने साल बैंकों के बढ़ते एनपीए को ध्यान में रखते हुए साल 2016 में सरकारी बैंकों के एकीकरण का ऐलान किया था. इसके तहत सरकारी बैंकों की संख्या 21 से घटाकर 10-12 तक सीमित करने की योजना है.

अगर शेयर में पैसा लगाया है तो क्या होगा- शेयर स्वैप रेश्यो तय हो गया है. इसका मतलब है कि देना बैंक और विजया बैंक के ग्राहकों बैंक ऑफ बड़ौदा के कितने शेयर मिलेंगे.  बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से तय शेयर स्वैप रेश्यो के तहत विजया बैंक के शेयरधारकों को प्रति 1000 शेयरों के बदले बैंक ऑफ बदौड़ा के 402 शेयर जारी किए जाएंगे. देना बैंक के शेयरहोल्डर्स को 1000 शेयरों के बदले बीओबी के 110 शेयर मिलेंगे.



(ये भी पढ़ें-SBI की खास सुविधा: अब घर बैठे बनवा सकते हैं डिमांड ड्राफ्ट, ये है पूरा प्रोसेस)

बैंकों के कारोबार पर क्या असर पड़ेगा-सरकार का अनुमान है कि मर्जर के बाद बनने वाले बैंक का एनपीए 5.71% होगा. यह सरकारी बैंकों के औसत 12.13% एनपीए की तुलना में काफी बेहतर होगा. मर्जर प्रक्रिया के मुताबिक देना और विजया बैंक का पूरा कारोबार, असेट्स, अधिकार, दावे, टाइटल, लाइसेंस, कर्ज, देनदारियां और दायित्व बैंक ऑफ बड़ौदा को ट्रांसफर हो जाएंगे.

(ये भी पढ़ें-RBI सिस्टम में डालेगा 35 हजार करोड़ रुपये, आपको होगा ये फायदा)

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading