दूध पीने वालों के लिए बड़ी खबर! FSSAI ने जारी किए नए नियम

पैकेट वाले दूध पर FSSAI ने नियम जारी किए है. इसमें चारे से लेकर डेयरी में साफ-सफाई तक के नियम तय किए गए हैं.

News18Hindi
Updated: March 15, 2019, 6:54 PM IST
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Updated: March 15, 2019, 6:54 PM IST
दूध और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों को अब और कड़े नियमों का पालन करना पड़ेगा. फूड रेगुलेटर FSSAI ने डेयरी कंपनियों के लिए गाइडेंस डॉक्यूमेंट जारी किए हैं. आपको बता दें कि पिछले साल जारी हुई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जो दूध बिक रहा है, उसमें से 68.7 फीसदी दूध और उससे बनी चीजें मिलावटी हैं. यह दूध FSSAI के मानकों पर खरा नहीं उतरता है. मिलावट के सबसे ज्यादा मामले उत्तर राज्यों में सामने आए हैं.

नए नियम जारी
>>
दूध और इससे बने प्रोडक्ट्रस की खराब क्वालिटी से चिंतित FSSAI ने कड़े मापदंड बनाए
>> डेयरी प्रदूषित इलाकों से दूर हो

>> डेयरी में काम करने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच होनी चाहिए.
>> दूध इकट्ठा करते समय हाइजिन का खयाल रखा जाए


>> दूध की पैकैजिंग फूड ग्रेड मटैरियल में ही होना चाहिए.
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>> कंपनी दूध के हर पैकेट को 24 घंटे में ट्रेस करने की व्यवस्था बनाए
>> रॉ दूध को 4 घंटे के अंदर किसान से प्रोसेसिंग यूनिट तक ले जाया जाना चाहिए.
>> कंपनियों को तय करना होगा कि गाय या भैंस के चारे में ज्यादा पेस्टीसाईड का इस्तेमाल नहीं किया गया हो.

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एक सर्वे के मुताबिक दूध की पैकिंग करते समय सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता. दूध में डिटरजेंट मिलाने के कई मामले सामने आए हैं. यह मिलावट लोगों की जान ले सकती है या उन्हें अपाहिज कर सकती है. WHO का कहना है कि अगर यह मिलावट बंद नहीं हुई तो 2025 तक 87 फीसदी भारतीयों को कैंसर हो हो सकता है.

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क्या है एफएसएसएआई-देश में खाना बनाने, स्टोर करने, डिस्ट्रीब्यूट करने, विदेशों से भारत में लाना और बेचने संबंधी सभी नियम ये फूड रेग्युलेटर तय करता है. एफएसएसएआई, भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत आता है. इसका हेड क्वाटर्स दि‍ल्ली में स्थित है जो राज्‍यों के खाद्य सुरक्षा अधिनियम के विभिन्‍न प्रावधानों को लागू करने का काम करता है. इसके अलावा यह देश के सभी राज्‍यों, जिला एवं ग्राम पंचायत स्‍तर पर खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री के तय मानक को बनाए रखने में सहयोग करता है. साथ ही यह समय-समय पर खुदरा एवं थोक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच भी करता है.

(रोहन सिंह, संवाददाता, सीएनबीसी आवाज़)
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