बच्चों का मोटापा कम कराने के लिए FSSAI ने लिया ये बड़ा फैसला!

बदलते हुए कल्चर के कारण जंक फूड का बाजार बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है, भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने गैर स्वास्थकारी खाद्य पदार्थो के विज्ञापनों और प्रचार पर अंकुश लगाने का प्रस्ताव किया.

News18Hindi
Updated: June 14, 2019, 2:32 PM IST
बच्चों का मोटापा कम कराने के लिए FSSAI ने लिया ये बड़ा फैसला!
बदलते हुए कल्चर के कारण जंक फूड का बाजार बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है, भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने गैर स्वास्थकारी खाद्य पदार्थो के विज्ञापनों और प्रचार पर अंकुश लगाने का प्रस्ताव किया.
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Updated: June 14, 2019, 2:32 PM IST
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सीईओ मयंक अग्रवाल ने स्कूल हेल्थकेयर पर हुए एसोचैम के सम्मेलन में जंक फूड के विज्ञापनों पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया है. जंक फूड और सॉफ्ट ड्रिंक का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों में मोटापे के अलावा भी कई गंभीर बीमारियों की वजह बन रहा है. खानपान के इस फास्ट फूड कल्चर ने ही छोटे-छोटे बच्चों में डायबिटीज और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों को बढ़ाया है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है यदि खानपान की आदतें ऐसी ही बनी रही तो 2030 तक हर तीन में से एक व्यक्ति मोटापे का शिकार होगा.

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बच्चों के पूरक पोषण को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 को पारित किया गया था. जिसके अनुसार बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना अनिवार्य है, बदलते हुए कल्चर के कारण जंक फूड जैसे पिज्जा बर्गर, चिप्स, मीठा कार्बोनेटेड और गैर-कार्बोनेटेड पेय, रेडी-टू-ईट नूडल्स बाजार से लेकर स्कूल के आसपास के क्षेत्र में भी फैलता जा रहा है. भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अनुसार स्कूल के 50 मीटर के दायरे में गैर स्वास्थकारी खाद्य पदार्थो के विज्ञापनों और प्रचार पर रोक लगायी जाएगी.

इस मसौदे को लाने के दौरान, एफएसएसएआई ने कहा था कि उसका उद्देश्य चिप्स, मीठा कार्बोनेटेड और गैर-कार्बोनेटेड पेय, रेडी-टू-ईट नूडल्स, पिज्जा, बर्गर जैसे अधिकांश आम जंक फूड की खपत और उपलब्धता को सीमित करना है. सम्मेलन को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने स्वस्थ आहार लेने की जरुरत पर जोर देते हुए कहा कि 10 में से छह रोग आहार से संबंधित होते हैं.

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उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास सुरक्षित और स्वस्थ भोजन है और हम खुद को चुस्त दुरुस्त रखें तो अधिकांश बीमारी नहीं होंगी. अग्रवाल ने स्कूलों में सुरक्षित, पौष्टिक और पूर्ण भोजन को बढ़ावा देने के लिए पिछले कुछ वर्षों में एफएसएसएआई द्वारा की गई पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की आवश्यकता है.
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