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पीएम मोदी ने दुनिया को बताया-भारत कैसे बनेगा 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था

News18Hindi
Updated: June 28, 2019, 9:35 PM IST
पीएम मोदी ने दुनिया को बताया-भारत कैसे बनेगा 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था
पीएम मोदी ने दुनिया को बताया-भारत कैसे बनेगा 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत साल 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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दुनिया की कुल 85 फीसदी अर्थव्यवस्था पर राज करने वाले ताकतवर 20 देशों के संगठन G-20 की सालाना सभा को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत साल 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. भारत को निवेश के लिए सबसे आकर्षक बताते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पैसों के साथ तंदुरुस्ती और समृद्धि के साथ शांति चाहते हैं उन्हें भारत आना चाहिए. आपको बता दें कि जी-20 ग्रुप एक ऐसा समूह जिसमें 19 देश हैं और 20वां हिस्सेदार है यूरोपीय संघ. सभी भागीदार साल में एक बार एक शिखर सम्मेलन में एक दूसरे से मिलते हैं. इन बैठकों में राज्यों के सरकार प्रमुखों के साथ उन देशों के सेंट्रल बैंक के गवर्नर भी शामिल होते हैं. यूरोपीय केंद्रीय बैंक भी बैठक में हिस्सा लेता है. मुख्य रूप से यहां आर्थिक मामलों पर चर्चा होती है.

भारत बनेगा दुनिया की बड़ी आर्थिक महाशक्ति-यहां विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन में शामिल होने वाले मोदी 20 साल में पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. मोदी ने सम्मेलन की शुरुआत में भाषण दिया. उन्होंने ट्रेड वॉर को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि साल 2025 तक भारत पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार आर्थिक सुधार और बड़े बदलावों को लेकर सख्त कदम उठा रही है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जापान के पीएम के साथ (फाइल फोटो)


भारत की जीडीपी का साइज फिलहाल करीब 3 लाख करोड़ डॉलर है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि हमने भारत में निवेश, उत्पादन और बिजनेस करने को आसान बना दिया है. अगले कुछ साल में लाइसेंस और परमिट राज को जड़ से उखाड़ फेंकने का फैसला किया है. हम लालफीताशाही को लाल कालीन से बदल रहे हैं.

दुनिया में भारत पैसा लगाने और बनाने का बेस्ट डिस्टीनेशन- नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषद के एक कार्यक्रम में दुनिया की बड़ी कंपनियों के सीईओ के साथ मुलाकात की. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भारत के विकास की कहानी तथा देश में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए मौजूद अवसरों के बारे में बताया.

जी-20 सम्मेलन में पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ
दुनिया के बड़े नेताओं को बताई भारत ताकत- विश्व आर्थिक मंच की बैठक को संबोधित करने के बाद मोदी ने दुनिया के नेताओं तथा कंपनी प्रमुखों के साथ लगातार बड़ी बैठक की. इसके अलावा भारत को आर्थिक तौर पर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई आर्थिक शक्ति बताया.

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अमेरिका के साथ आंख से आंख मिलकर हुई चर्चा-भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में रवाना होने से पहले अमेरिका को भारत ने उसी की भाषा में जवाब दिया था. भारत ने भी अमेरिकी सामानों पर टैक्स बढ़ा दिया है. हालांकि, जी-20 सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा, 'आपको आम चुनावों में जीत की बधाई. आप इस जीत के योग्य हैं. आप शानदार काम कर रहे हैं. मुझे याद है जब आप पहली बार चुनाव जीते थे, तो कई सारे दल थे जो आपस में लड़ रहे थे. इस बार वे एक साथ मिलकर आए.

मोदी ने ट्रंप को गिनाए 4 मुद्दे- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि ईरान उन चार प्रमुख मुद्दों में शामिल है, जिस पर वह ट्रंप से चर्चा करेंगे.

मोदी-ट्रंप की बातचीत के बारे में विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं को बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने पर मुख्य रूप से ध्यान दिया गया.उन्होंने कहा, 'अस्थिरता हमें कई मोर्चे पर प्रभावित करती है, न सिर्फ ऊर्जा की जरूरतों के मामले में बल्कि खाड़ी में हमारे समुदाय की बड़ी आबादी रहती है, 80 लाख भारतीय खाड़ी क्षेत्र में रहते हैं और आर्थिक हित भी जुड़े हैं.'

पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ


गोखले के मुताबिक इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देशों के अधिकारी क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे.उन्होंने कहा, 'ईरान के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने हमारी ऊर्जा संबंधी चिंताओं के साथ-साथ क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता से जुड़ी चिंताओं को रेखांकित किया.'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की कुल ऊर्जा जरूरत में ईरान 11 प्रतिशत की आपूर्ति करता है. भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने के बावजूद ईरान से तेल के आयात में कमी की गयी है.गोखले के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी एवं होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए भारत ने क्षेत्र में कुछ नौसैनिक जहाजों की तैनाती की है.

उन्होंने कहा, 'ट्रंप ने इस बात की बहुत अधिक सराहना की. संक्षिप्त बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ने उम्मीद जतायी कि तेल की कीमतें स्थिर रहेंगी. उन्होंने (ट्रम्प) तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए खाड़ी देशों में स्थिरता को सुनिश्चत करने के लिए अमेरिका द्वारा उठाये जा रहे कदमों की चर्चा की.'

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First published: June 28, 2019, 8:26 PM IST
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