गेल का मुनाफा चौथी तिमाही में 1,907.67 करोड़ हुआ, 28 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी

पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में गेल का लाभ 26 प्रतिशत घटकर 4,890 करोड़ रुपए रहा.

पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में गेल का लाभ 26 प्रतिशत घटकर 4,890 करोड़ रुपए रहा.

सरकारी गैस कंपनी गेल (GAIL) को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोकेमिकल मार्जिन बढ़ने का मिला फायदा

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नई दिल्ली. सरकारी गैस कंपनी गेल (GAIL) ने बुधवार को चौथी तिमाही यानी का 31 मार्च 2021 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे (Financial Results) घोषित किए. कंपनी का जनवरी-मार्च तिमाही में कुल लाभ 28 फीसदी बढ़कर 1,907.67 करोड़ रुपए हो गया है. इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोकेमिकल मार्जिन (Petrochemical Margin) बढ़ना है. यह जानकारी कंपनी द्वारा शेयर बाजारों में भेजी गई सूचना से सामने आई है.

गेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन ने बुधवार को पत्रकारों के साथ आनलाइन बातचीत में कहा कि जनवरी-मार्च 2021 तिमाही में कंपनी का कुल मुनाफ़ा 1,907.67 करोड़ रुपए रहा. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 1,487.33 करोड़ रुपए था. हालांकि पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में गेल का लाभ 26 प्रतिशत घटकर 4,890 करोड़ रुपए रहा. इसका मुख्य कारण पिछले वर्ष की पहली छमाही में लगा लॉकडाउन रहा. इस दौरान कंपनी का कारोबार भी 21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,529 करोड़ रुपए रह गया.

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को पेट्रोरसायन कारोबार में कर पूर्व लाभ 40 प्रतिशत बढ़कर 608 करोड़ रुपए
कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी का मुख्य कारण पेट्रोकेमिकल व्यवसाय का अच्छा प्रदर्शन और प्राकृतिक गैस विपणन और एलपीजी खंड रहा है. कंपनी के मुताबिक कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन से निकलने के बाद पेट्रोकेमिकल संयंत्र पूरी क्षमता के साथ चले. इससे कंपनी को पेट्रोरसायन कारोबार में कर पूर्व लाभ 40 प्रतिशत बढ़कर 608 करोड़ रुपए हो गया.

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कीमतों में सुधार से गैस कारोबार में मजबूती लौटी



कंपनी ने बताया कि कीमतों में सुधार से गैस कारोबार में मजबूती लौटी, जिससे पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में इस कारोबार में 73.70 करोड़ रुपए के पिछले साल घाटे के मुकाबले इस वर्ष 281 करोड़ रुपए का कर पूर्व लाभ हुआ. मनोज जैन ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2021 की पहली और दूसरी तिमाही कम कीमतों की वजह से काफी खराब रही. हमें बड़ा झटका लेकिन हम शेष वित्तीय वर्ष 2020-21 में घाटे की भरपाई करने में सफल रहे हैं. उम्मीद है वित्त 2021-22 अच्छा रहेगा.’’

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मौजूदा वित्त वर्ष में कच्चे तेल के 60 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने की उम्मीद

जैन ने कहा कि, ‘‘मौजूदा वित्त वर्ष में कच्चे तेल के 60 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने की उम्मीद है, जिससे अच्छा मार्जिन प्राप्त होता है. कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण लागू प्रतिबंधों से अप्रैल और मई में गैस की खपत प्रभावित हुई है.’’

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