गरीब रथ ट्रेनों के बंद होने से नाराज हुए रेल मंत्री, मुसाफिरों की खुशी के लिए उठाया ये कदम

भारतीय रेल मंत्रालय काठगोदाम-जम्मू और काठगोदाम-कानपुर सेंट्रल गरीब रथ ट्रेनों को फिर से बहाल कर सकता है.

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 4:04 PM IST
गरीब रथ ट्रेनों के बंद होने से नाराज हुए रेल मंत्री, मुसाफिरों की खुशी के लिए उठाया ये कदम
गरीब रथ ट्रेनों पर आज रेल मंत्रालय लेगा अहम फैसला. (फाइल फोटो)
Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 4:04 PM IST
पिछले कई दिनों से गरीब रथ ट्रेनों के बंद होने की खबरें सुर्खियों में हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेल काठगोदाम-जम्मू और काठगोदाम-कानपुर सेंट्रल गरीब रथ ट्रेनों को फिर से बहाल कर सकता है. रेलवे शाम तक इन दोनों ट्रेनों पर फैसला ले सकता है.

बहरहाल, भारतीय रेल ने इसी हफ्ते काठगोदाम-जम्मू गरीब रथ और काठगोदाम-कानपुर सेन्ट्रल गरीब ट्रेन को बंद कर दिया है. इसे अब एक्सप्रेस ट्रेन बना दिया गया है, लेकिन रेलमंत्री पीयूष गोयल, रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी और रेल अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर गहन चिंतन जारी है. दरअसल,गरीब रथ ट्रेनों का किराया मेल/ एक्सप्रेस ट्रेनों के किराये से 25-30 फीसदी कम होता है और गरीब रथ ट्रेनों को बंद करने से मुसाफिरों को कम पैसे में एसी सुविधा बंद हो जाएगी.

ये होता गरीब रथ ट्रेन का किराया
मसलन 12207 काठगोदाम-जम्मू गरीब रथ का काठगोदाम से जम्मू के लिए एसी-3 का किराया पहले 755 रुपये था, जो इसके एक्सप्रेस ट्रेन बनने के बाद 1070 रुपये हो गया है.  वहीं, 12210 काठगोदाम-कानपुर सेंट्रल के पूरे रूट के एसी-3 का किराया 475 रुपये था, जो अब 675 रुपये हो गया है.

लालू प्रसाद ने की थी शुरुआत
गरीब रथ ट्रेनों की शुरुआत साल 2006 में उस वक़्त के रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने की थी. पहली गरीब रथ ट्रेन सहरसा से अमृतसर के बीच चलाई गई थी. इस ट्रेन को कम पैसे में गरीबों को एसी के सफर की सुविधा देने के लिए शुरु किया गया था. आपको बता दें कि गरीब रथ में एसी-3 के कोच होते हैं और इसमें सोने के लिए 78 बर्थ होते हैं.

साल 2006 में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने गरीब रथ ट्रेन की शुरुआत की थी.

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सुरेश प्रभु के समय हुआ था ऐसा
पिछले रेलमंत्री सुरेश प्रभु के समय में गरीब रथ ट्रेनों के कोच बनाने बंद कर दिए गये थे. दरअसल ये कोच पुराने डिज़ाइन के होते हैं और भारतीय रेल अब केवल नए डिज़ाइन के LHB कोच ही बनाता है. लिहाजा ये माना जा रहा है कि भविष्य में रेलवे की गरीब रथ ट्रेनें बंद होंगी.

बहरहाल, रेलवे के एक कोच की लाइफ करीब 25 साल की होती है और ऐसे में अचानक दो गरीब रथ ट्रेनों का बंद होना मुसाफिरों के लिए अच्छी ख़बर नहीं है. हालांकि आज शाम को  रेल मंत्री पीयूष गोयल इन्‍हें फिर से शुरू कर सकते हैं.

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First published: July 18, 2019, 3:46 PM IST
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