'गरीब रथ' ट्रेन को बंद करने की अटकलों पर विराम, रेल मंत्रालय ने दिया स्पष्टीकरण

रेलवे वर्तमान में 26 गरीब रथ ट्रेनों का संचालन करता है. भारतीय रेलवे ने कहा है कि उसकी यह सेवा लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है. इसे बंद करने का कोई प्लान नहीं है.

News18Hindi
Updated: July 25, 2019, 11:51 AM IST
'गरीब रथ' ट्रेन को बंद करने की अटकलों पर विराम, रेल मंत्रालय ने दिया स्पष्टीकरण
गरीब रथ ट्रेन अब नहीं चलेगी!
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Updated: July 25, 2019, 11:51 AM IST
आम आदमी को सस्ता AC का सफर मुहैया कराने वाली गरीब रथ ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा. रेलवे ने कहा है कि किसी भी तरह की गरीब रथ ट्रेन को नहीं हटाया जाएगा. इससे पहले उत्तर रेलवे की ओर से अस्थाई ट्रेनें चलाने और कोचों की कमी के बाद माना जा रहा था कि रेलवे गरीब रथ ट्रेनों को सुपरफास्ट ट्रेनों में बदल सकता है. CNBC-आवाज़ की खबर के मुताबिक रेलवे की ओर से इसके कोचों में बदलाव की बात भी की जा रही थी. खबर ये थी कि इस ट्रेन के सभी 12 AC कोच की जगह 16 कोच होंगे. गरीब रथ में अब तक सिर्फ AC कोच होते हैं लेकिन अब इसमें जनरल, स्लीपर कोच भी जोड़े जा सकते हैं.

क्यों थी बदलाव की बात?
CNBC-आवाज़ को सूत्रों से ये जानकारी मिली थी कि गरीब रथ ट्रेन की बोगियों का प्रोडक्शन बंद हो रहा है, क्योंकि ये काफी पुराने हैं. हालांकि, रेल मंत्रालय ने कहा है कि उत्तर रेलवे के पास कोच की कमी के चलते गरीब रथ सेवा के अंतर्गत चलाई जा रहीं दो ट्रेन जिनका नाम- 12207/08 काठगोदाम-जम्मू तवी और 12209/10 कानपुर-काठगोदाम गरीबरथ को बतौर एक्सप्रेस ट्रेन अस्थाई तौर पर चलाया गया था. हालांकि, अब दोबारा 4 अगस्त 2019 से फिर से गरीब रथ के तौर पर ही चलाया जाएगा. फिलहाल किसी भी गरीबरथ ट्रेन को बंद करने या एक्सप्रेस-मेल में बदल देने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

 

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कब शुरू हुआ संचालन?
आपको बता दें कि गरीबों को एसी ट्रेन में सफर कराने के लिए साल 2006 के रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव गरीब रथ ट्रेन की शुरुआत की थी. पहली ट्रेन सहरसा-अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस थी, जो बिहार के सहरसा से पंजाब के अमृतसर के बीच चलाई गई थी. इस ट्रेन में एसी 3 और चेयरकार होते हैं.

दूसरी ट्रेनों के मुकाबले सफर सस्ता
गरीब रथ का किराया अन्य ट्रेनों के एसी क्लास से कम है. इस ट्रेन में प्रत्येक सीट या बर्थ के बीच की दूरी कम है और प्रत्येक कोच में वातानुकूलित डिब्बों की तुलना में अधिक सीटें और बर्थ हैं. गरीब रथ में बैठने के लिए 3 टियर में 78 सीटें होती हैं. यात्रियों को खान-पान और बेड रोल के लिए अलग से भुगतान करना होता है. एक बेड रोल के लिए 25 रुपये देना होता है, जिसमें एक तकिया, एक कंबल और दो चादर होते हैं. रेलवे का कहना है कि फिलहाल 26 गरीब रथ ट्रेनें चलती हैं, जो बेहद लोकप्रिय हैं. इन सभी ट्रेनों का किराया सामान्य AC थ्री टियर से कम है.

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First published: July 17, 2019, 5:24 PM IST
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