Home /News /business /

gdp growth expected to decline to 3 5 percent in the march quarter these are the reasons jst

मार्च तिमाही में जीडीपी विकास दर के घटकर 3.5 फीसदी रहने का अनुमान, ये हैं कारण

दिसंबर तिमाही में भारत की जीडीपी विकास दर 5.4 फीसदी रही थी.

दिसंबर तिमाही में भारत की जीडीपी विकास दर 5.4 फीसदी रही थी.

इक्रा रेटिंग्स ने सोमवार को जनवरी-मार्च 2022 तिमाही के जीडीपी अनुमान जारी किए. रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर इससे पिछली तिमाही के मुकाबले कम रह सकती है.

नई दिल्ली. रेटिंग एजेंसी इक्रा का मानना है कि बीते वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर गिरकर 3.5 प्रतिशत रह सकती है. जबकि दिसंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत रही थी.

इक्रा रेटिंग्स ने सोमवार को जनवरी-मार्च 2022 तिमाही के बारे में जारी अपने अनुमान में कहा कि जिंसों के दाम बढ़ने से मार्जिन पर आए असर, गेहूं की पैदावार में गिरावट आने और तुलनात्मक आधार ऊंचा होने से जीडीपी वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रह सकती है. इसके अलावा जनवरी-फरवरी में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रोन का प्रकोप रहने से भी संपर्क संबंधी सेवाओं (कॉन्टेक्ट इंटेसिव सर्विसेज) के रिवाइवल पर असर देखा गया है. इसका भी वित्त वर्ष 2021-22 की अंतिम तिमाही में वृद्धि की रफ्तार पर असर देखने को मिला है.

ये भी पढ़ें- लंबे समय तक गर्मी केवल लोगों को हीं नहीं भारतीय अर्थव्यवस्था को भी झुलसाएगी

जीवीए घटने का अनुमान
इक्रा ने कहा है कि चौथी तिमाही में आधार कीमतों पर ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (जीवीए) घटकर 2.7 प्रतिशत पर आने के आसार हैं. दिसंबर तिमाही में यह 4.7 प्रतिशत पर रहा था. बता दें कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी एवं अंतिम तिमाही के आंकड़े 31 मई को जारी करेगा.

चुनौतीपूर्ण चौथी तिमाही
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि चौथी तिमाही का समय चुनौतीपूर्ण था जिसमें ओमीक्रोन की वजह से कोविड-19 की तीसरी लहर आई और जिंसों के दाम अधिक होने से मार्जिन भी कम हुआ. इसके अलावा मार्च में ही सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने से गेहूं की पैदावार पर भी प्रतिकूल असर देखा गया है.

ये भी पढ़ें- अच्छी खबर: सरसों, सोयाबीन सहित खाने के तेलों के दाम घटे, जानिए क्यों आई ये गिरावट

कृषि व उद्योग दोनों क्षेत्रों को झटका
नायर ने कहा, “हमें आशंका है कि कृषि एवं उद्योग दोनों ही क्षेत्रों में चौथी तिमाही में जीवीए वृद्धि एक प्रतिशत से कम रहेगी जबकि सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर करीब 5.4 प्रतिशत रह सकती है.” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करने से कारोबारी धारणा में सुधार होगा और उपभोक्ताओं की खर्च-योग्य आय बढ़ेगी. इसके साथ ही उपभोक्ता-मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में भी गिरावट आएगी.

Tags: GDP

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर