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चीन को भारी पड़ा अमेरिका से पंगा लेना, 27 साल में सबसे बुरे हालात

News18Hindi
Updated: October 18, 2019, 4:21 PM IST
चीन को भारी पड़ा अमेरिका से पंगा लेना, 27 साल में सबसे बुरे हालात
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी​ जिनपिंग

कुछ दिन पहले ही IMF ने चीन के ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 6.1 फीसदी किया था. 2019 के तीसरी तिमाही के लिए चीन का GDP ग्रोथ रेट 6 फीसदी रहा. यह आंकड़ा 1992 के बाद किसी तिमाही में सबसे न्यूनतम है.

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  • Last Updated: October 18, 2019, 4:21 PM IST
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नई दिल्ली. अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर (Trade War) का असर अब चीन की अर्थव्यवस्था (China Economy) पर देखने को मिल रहा है. चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ रेट (GDP Growth Rate of China) बीते 3 दशक के निचले स्तर पर फिसल चुका है. चीनी सरकार ने शुक्रवार को तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी किए, जिससे पता चलता है कि सुस्त घरेलू डिमांड (Domestic Demand) और ट्रेड वॉर की वजह से चीन की अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका लगा है. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (NBS) के अनुसार, जुलाई-सितंबर की तिमाही में चीन की GDP दर 6 फीसदी रहा. इसके पहले दूसरी तिमाही में यह 6.2 फीसदी रही थी.

27 साल में चीनी अर्थव्यवस्था का सबसे खराब प्रदर्शन
चीन की जीडीपी ग्रोथ में 0.2 फीसदी की इस कमी का प्रमुख कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी और अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर को बताया जा रहा है. चीन के लिए चिंता का विषय यह है कि साल 1992 के बाद किसी भी तिमाही में चीनी अर्थव्यवस्था का यह सबसे खराब ग्रोथ रेट है. हालांकि, चीनी सरकार ने 2019 के लिए आर्थिक वृद्धि दर का लक्ष्य 6 से 6.5 फीसदी के बीच रखा था. बता दें कि पिछले साल चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 फीसदी रही थी.

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अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए चीन उठा रहा कदम
तिसरी तिमाही के आंकड़े जारी करने के बाद एनबीएस के प्रवक्ता माओ शेंगयांग ने कहा कि कुल मिलाकर देश की अर्थव्यवस्था में तीन तिमाहियों के दौरान स्थिरता देखी गई है. उन्होंने कहा कि चीन को घरेलू और ग्लोबल स्तर पर गंभीर आर्थिक हालातों के प्रति सजग रहना चाहिए. ग्लोबल स्तर पर नरमी और बाहरी व्यापार में बढ़ती ​अनिश्चित्तता से घरेलू बाजार पर भारी दबाव है. हालांकि, चीन ने अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए कई कदम भी उठाया है. चीन ने आम लोगों को राहत देने के लिए टैक्स में कटौती की है. साथ ही शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों को आ​कर्षित करने के लिए कई प्रतिबंध भी हटाया है.
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IMF भी दे चुका है झटका
इसके अलावा बीते बुधवार को ही चीन के सेंट्रल बैंक ने सिस्टम में बैंकों को मीडियम टर्म लेंडिंग सुविधा के जरिए 28 अरब डॉलर यानी 200 अरब युआन पंप किया है, ताकि बाजार में लि​क्विडिटी बढ़ाया जा सके. हालांकि, चीनी केंद्रीय बैंक की इस कोशिश का कुछ खास असर नहीं देखने को मिल रहा है. आईएमएफ ने भी चीन के ग्रोथ रेट का अनुमान 6.2 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है.

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First published: October 18, 2019, 4:13 PM IST
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