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GDP दर 6 साल में सबसे कम, जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.5% रही

News18Hindi
Updated: November 29, 2019, 6:21 PM IST
GDP दर 6 साल में सबसे कम, जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.5% रही
जीडीपी

जुलाई-सितंबर माह में आर्थिक ग्रोथ रेट (GDP Growth Rate) घटकर 4.3 फीसदी के स्तर पर आ गया है. इसके साथ ही ​सितंबर तिमाही में जीडीपी दर बीते 6 साल के न्यूनतम स्तर पर लुढ़क गया है. जून तिमाही में यह 5 फीसदी के स्तर पर था.

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  • Last Updated: November 29, 2019, 6:21 PM IST
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नई दिल्ली. चालू वित्त वर्ष के दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर माह के लिए सकल घरलू उत्पाद (GDP Growth Rate) घटकर 4.5 फीसदी के स्तर पर आ गया है. इसके पहले की तिमाही में यह जीडीपी दर  5 फीसदी के स्तर पर था.  यह पिछली 26 तिमाही में सबसे कम है. पहली तिमाही में विकास दर 5 फीसदी पर आ गई है. वहीं, पिछले वित्‍त वर्ष की समान तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7 फीसदी दर्ज की गई थी.

जीवीए भी घटकर 4.3 फीसदी के स्तर पर
​सितंबर तिमाही के लिए ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) भी घटकर 4.3 फीसदी के स्तर पर था. पहली तिमाही में यह 4.9 फीसदी के स्तर पर था. एक साल पहले सामान अवधि में यह 6.9 फीसदी था.


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कई एजेंसियों ने जीडीपी ग्रोथ गिरने का लगाया था अनुमान
गौरतलब है ​कि इसके पहले इंडिया रेटिंग्स, क्रिसिल समेत कई एजेंसियों ने सितंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था की विकास दर में गिरावट का अनुमान जताया था. इन  रेटिंग एजेंसियों का मानना था कि, सुस्त डिमांड, निवेश में कमी और लिक्विडिटी की दिक्कत के चलते आर्थिक सुस्ती और गहरा सकती है. इंडिया रेटिंग्स और क्रिसिल ने सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 4.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था.

अब क्या होगा
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है. तीन से पांच दिसंबर चलने वाली MPC बैठक में रेपो रेट को घटाकर 4.90 फीसदी पर की जा सकती है. सर्वे में शामिल अधिकतर अर्थशास्त्रियों का कहना है कि घरेलू कर्ज की धीमी रफ्तार और कंपनियों के घटते मुनाफे की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार पकड़ने में समय लगेगा.

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 क्या होती है GDP
जीडीपी किसी ख़ास अवधि के दौरान वस्तु और सेवाओं के उत्पादन की कुल क़ीमत है. भारत में जीडीपी की गणना हर तीसरे महीने यानी तिमाही आधार पर होती है. ध्यान देने वाली बात ये है कि ये उत्पादन या सेवाएं देश के भीतर ही होनी चाहिए.

 

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First published: November 29, 2019, 5:43 PM IST
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