आम बजट 2020-21: PSUs को निजी हाथों में सौंपने की बड़ी तैयारी, बजट में पेश हो सकता है 'ब्‍लूप्रिंट

Budget 2020-2021: वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में निजीकरण को लेकर नई नीति का ब्‍लूप्रिंट पेश कर सकती हैं. (News18 हिंदी ग्राफिक्‍स )

Budget 2020-2021: वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार के बजट में निजीकरण को लेकर नई नीति का ब्‍लूप्रिंट पेश कर सकती हैं. (News18 हिंदी ग्राफिक्‍स )

General Budget 2020-21: सरकार मौजूदा वित्‍त वर्ष में सेंट्रल पब्लिक सेक्‍टर इंटरप्राइजेज (CPSE- केंद्र की स्‍वामित्‍व वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां) में अपनी हिस्‍सेदारी बेचकर और शेयर बायबैक के जरिये 17,957 करोड़ रुपये जुटा चुकी है. देश में इस वक्‍त तकरीबन 249 CPSE हैं, जिनमें से 54 से ज्‍यादा कंपनियां स्‍टॉक मार्केट में लिस्‍टेड हैं.

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नई दिल्‍ली. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट 2020-21 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्‍सेदारी बेचने को लेकर नई प्रइावेटाइजेशन पॉलिसी का ब्‍लूप्रिंट पेश कर सकती हैं. सरकार इसके जरिये हजारों करोड़ रुपये का फंड जुटाने की जुगत में है. न्‍यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि नई नीति के तहत केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के संचालन से बाहर आएगी. मतलब इन कंपनियों के नियमित कामकाज को निजी क्षेत्र के हवाले कर दिया जाएगा. हालांकि, फिलहाल सिर्फ नॉन स्‍ट्रैटजिक सेक्‍टर के PSU का ही निजीकरण करने की योजना है. कैबिनेट ने पिछले दिनों ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए नई नीति को हरी झंडी दी है, जिसके तहत ही यह तय किया जाएगा कि कौन से PSUs स्‍ट्रैटजिक हैं और कौन से नॉन स्‍ट्रैटजिक. माना जा रहा है कि सार्वजनिक हित और नेशनल इंट्रेस्‍ट से जुड़ी कंपनियों को स्‍ट्रैटजिक सेक्‍टर्स में रखा जाएगा और बाकी को नॉन स्‍ट्रैटजिक सेक्‍टर्स में डाल दिया जाएगा.

देश में इस वक्‍त केंद्र सरकार के स्‍वामित्‍व वाली (CPSE) तकरीबन 249 कंपनियां हैं, जिनमें से 54 से ज्‍यादा स्‍टॉक मार्केट में लिस्‍टेड हैं. इन कंपनियां का कुल टर्नओवर 24 लाख करोड़ रुपया और नेट वर्थ 12 लाख करोड़ रुपया है. देश की अर्थव्‍यवस्‍था में इन कंपनियों का महत्‍वपूर्ण योगदान है.  पिछले साल मई में सरकार ने 'आत्‍मनिर्भर भारत' के तहत यह घोषणा की थी कि स्‍ट्रैटजिक सेक्‍टर में अधिकतम 4 कंपनियां होंगी. इस तरह अन्‍य क्षेत्र की सरकारी कंपनियां निजीकरण के दायरे में आएंगी. नई नीति के अंतर्गत स्‍ट्रैटजिक सेक्‍टर की एक लिस्‍ट अधिसूचित की जाएगी, जिसमें कम से कम एक और अधिकतम 4 कंपनियां होंगी. दूसरी तरफ, अन्‍य सेक्‍टर्स में सक्रिय CPSE को फीजिबिलिटी के आधार पर प्राइवेट सेक्‍टर को सौंपा जाएगा.

Union Budget 2021 Live Updates

सूत्रों के अनुसार, बजट में CPSE में सरकार की हिस्‍सेदारी बेचने पर फोकस किया जाएगा. इसके जरिये सरकार बढ़ते खर्च के लिए फंड जुटा सकेगी. मौजूदा वित्‍त वर्ष में सरकार ने CPSE में अपनी हिस्‍सेदारी बेचकर अब तक 17,957 करोड़ रुपये जुटा चुकी है. मालूम हो कि CPSE में हिस्‍सेदारी बेचकर और शेयर बायबैक के जरिये सरकार ने 2.10 लाख रुपये जुटाने का लक्ष्‍य रखा था. हालांकि, मौजूदा स्थिति में यह संभव नहीं लग रहा है.
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